मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023 की संविदा नीति के सभी प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार संविदा कर्मचारियों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी जायज मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जा रहा है।
समिति का होगा गठन, मजदूर संघ भी होगा शामिल
नियमितीकरण की प्रक्रिया और अन्य सेवा शर्तों को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय समिति बनाने का निर्णय लिया है समिति के सदस्य: इसमें सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा। कार्य यह समिति संविदा कर्मचारियों से जुड़े सभी तकनीकी विषयों और नीतिगत बाधाओं पर विचार कर अपनी रिपोर्ट देगी जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
2023 की नीति का होगा पालन
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि 2023 में बनाई गई संविदा नीति के लाभ प्रत्येक पात्र कर्मचारी तक पहुँचने चाहिए। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मचारियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी सरकार की योजनाओं को जमीन पर उतारा है, इसलिए उन्हें उनका हक मिलना ही चाहिए।
