अमाल का जन्म एक मशहूर म्यूजिकल परिवार में हुआ लेकिन शुरुआती सालों में इंडस्ट्री ने उन्हें खुले दिल से स्वीकार नहीं किया उन्होंने बताया कि कई बार उन्हें केवल उनके सरनेम की वजह से काम से निकाल दिया गया लोग यह सोचते थे कि वह अपने परिवार के नाम का फायदा उठा सकते हैं या म्यूजिक बेच सकते हैं इस गलतफहमी की वजह से कई बार उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी और यह अनुभव उनके भाई अरमान मलिक के साथ भी साझा रहा
अमाल ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि पंद्रह से पच्चीस साल की उम्र के बीच उन्होंने करीब दस साल तक लगातार मेहनत की इस दौर को आम लोग अक्सर अलग नजरिए से देखते हैं लेकिन उनके लिए यह समय सीखने और खुद को मजबूत बनाने वाला था शुरुआती चुनौतियों ने उन्हें मानसिक रूप से तैयार कियाउन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें कभी भी काम थाली में परोस कर नहीं मिला एक टीनएजर के तौर पर उन्होंने इंडस्ट्री में बने रहने के लिए असिस्टेंट के तौर पर काम किया पोस्ट प्रोडक्शन से जुड़े काम किए और कई बार हार्ड डिस्क ले जाने जैसी रनर की जिम्मेदारियां निभाईं इन जमीनी अनुभवों ने उन्हें अनुशासन सिखाया और काम के प्रति ईमानदार बनाया
अमाल मलिक की यह कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो मानते हैं कि बड़े नाम या मशहूर परिवार से आने वालों को सब कुछ आसानी से मिल जाता है अमाल का संघर्ष यह साबित करता है कि इंडस्ट्री में पहचान आखिरकार मेहनत और लगन से ही बनती है उनकी कहानी यह संदेश देती है कि सरनेम चाहे जितना भी बड़ा हो असली संघर्ष और सीख तो मेहनत में ही मिलती हैअमाल ने यह भी कहा कि शुरुआती कठिनाइयों ने उन्हें हर परिस्थिति में खुद पर भरोसा रखना सिखाया और आज उनकी मेहनत और समर्पण ही उन्हें बॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्री में खास पहचान दिला रहा है उनके अनुभव नए कलाकारों के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकते हैं
