शास्त्रों के अनुसार सोमवार को शिवलिंग पर जल दूध या गंगाजल अर्पित करना विशेष फलदायी माना गया है पूजा के दौरान सफेद वस्त्र धारण करना मन को शांत रखना और शिव मंत्रों का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है संध्या समय दीपक प्रज्ज्वलित करने से पूजा पूर्ण मानी जाती है
सोमवार को प्रातः शिव मंदिर जाकर शिवलिंग का अभिषेक करने से साधक की मनोकामनाएं पूर्ण होने की धार्मिक मान्यता है जल के साथ दूध शहद घी या दही से अभिषेक करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और जीवन की बाधाएं दूर होती हैंभगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है तीन पत्तियों वाला बेलपत्र सफेद पुष्प अक्षत और धतूरा अर्पित करने से सुख समृद्धि और पारिवारिक शांति में वृद्धि मानी जाती है यह उपाय विशेष रूप से गृह क्लेश और मानसिक अशांति को दूर करने के लिए किया जाता है
सोमवार की संध्या शिव मंदिर में देसी घी का दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है और आर्थिक स्थिति में सुधार के योग बनते हैं इसके साथ ही ॐ नमः शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करने से भय तनाव और रोगों से राहत मिलने की धार्मिक मान्यता है इस दिन दान का भी विशेष महत्व बताया गया है दूध दही चावल चीनी या रुद्राक्ष का दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है
यदि नौकरी या कार्यक्षेत्र में लगातार बाधाएं आ रही हों तो शिवलिंग पर शहद अर्पित करना लाभकारी माना जाता है वहीं दांपत्य जीवन में मधुरता और वैवाहिक सुख के लिए शिव पार्वती की संयुक्त पूजा कर ॐ गौरी शंकराय नमः मंत्र का जप किया जाता हैधार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार की शिव आराधना व्यक्ति को धैर्य आत्मबल और सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करती है नियमित रूप से की गई यह साधना जीवन में संतुलन और स्थिरता लाने में सहायक मानी जाती है
