सरकारी जानकारी के अनुसार 5200 करोड़ रुपये के इस ऋण को तीन अलग-अलग किस्तों में लिया जा रहा है। पहली किस्त के तहत 1200 करोड़ रुपये का कर्ज 7 वर्ष की अवधि के लिए होगा जिसकी ब्याज सहित भुगतान की अंतिम तिथि 4 फरवरी 2033 तय की गई है। दूसरी किस्त में 2000 करोड़ रुपये का कर्ज 17 वर्ष की अवधि के लिए लिया जा रहा है जिसे 4 फरवरी 2043 तक चुकाया जाएगा। वहीं तीसरी किस्त में 2000 करोड़ रुपये का ऋण 22 वर्षों की अवधि के लिए लिया गया है जिसका भुगतान ब्याज सहित किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा लिया जा रहा यह कर्ज विकास कार्यों योजनाओं के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि लगातार बढ़ते कर्ज को लेकर राज्य की वित्तीय स्थिति पर भी सवाल उठने लगे हैं।
अगर पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 की बात करें तो सरकार लगभग हर महीने बाजार से ऋण लेती नजर आई है। 7 मई 2025 को 5000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया। इसके बाद 4 जून को 4500 करोड़ 8 जुलाई को 4800 करोड़ और 30 जुलाई को 4300 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया। अगस्त महीने में भी सरकार ने दो बार कर्ज लिया—5 अगस्त को 4000 करोड़ और 26 अगस्त को 4800 करोड़ रुपये।
सितंबर में 9 तारीख को 4000 करोड़ 23 सितंबर को 3000 करोड़ और 30 सितंबर को फिर 3000 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया। इसके बाद 28 अक्टूबर को 5200 करोड़ 11 नवंबर को 4000 करोड़ 2 दिसंबर को 3000 करोड़ और 30 दिसंबर 2025 को 3500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया। लगातार बढ़ते कर्ज के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार इन पैसों का उपयोग किस तरह करती है और आने वाले समय में राज्य की आर्थिक सेहत को संतुलित रखने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
