धनंजय डी सिल्वा हाल के दिनों में पाकिस्तान और इंग्लैंड जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे थे। रन बनाने में संघर्ष और कमजोर स्ट्राइक रेट को देखते हुए चयनकर्ताओं ने वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर उन्हें मौका न देने का फैसला किया। इसके उलट कामिंदु मेंडिस, जो पिछले कुछ समय से टीम से बाहर चल रहे थे, अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और बहुआयामी क्षमता के चलते एक बार फिर चयनकर्ताओं का भरोसा जीतने में सफल रहे हैं। उनकी वापसी से टीम के बल्लेबाजी संतुलन में मजबूती आने की उम्मीद है।
इस बार श्रीलंका ने युवा प्रतिभाओं पर भी बड़ा दांव खेला है। 23 वर्षीय बल्लेबाज पवन रत्नायके और तेज गेंदबाज ईशान मलिंगा को वर्ल्ड कप स्क्वॉड में जगह दी गई है, जबकि प्रमोद मदुशन को बाहर बैठना पड़ा है। धनंजय के बाहर होने से बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर दुनिथ वेललागे के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना आसान हो गया है। वेललागे के पास फ्रेंचाइजी क्रिकेट का अच्छा अनुभव है और उन्होंने हाल ही में श्रीलंका-ए टीम की सफल कप्तानी कर अपनी क्षमता साबित की है।
सह-मेजबान होने के नाते श्रीलंका को घरेलू परिस्थितियों का भरपूर फायदा मिलने की उम्मीद है। ग्रुप बी के सभी मुकाबले कोलंबो और पल्लेकेले में खेले जाएंगे। श्रीलंका का सामना इस ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, ओमान और जिम्बाब्वे जैसी टीमों से होगा। टीम 8 फरवरी को आयरलैंड के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी, इसके बाद 12 फरवरी को ओमान, 16 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया और 19 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ मैदान में उतरेगी।
टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए घोषित श्रीलंका की 15 सदस्यीय टीम में कप्तान दासुन शनाका नेतृत्व करेंगे। बल्लेबाजी क्रम में पथुम निसांका, कुसल मेंडिस, कुसल परेरा, चरिथ असलांका और कामिंदु मेंडिस शामिल हैं। ऑलराउंड विभाग में वानिंदु हसरंगा, दुनिथ वेललागे, जेनिथ लियानागे और पवन रत्नायके को जगह दी गई है, जबकि गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी महीश तीक्षाना, दुष्मंता चमीरा, मथीशा पथिराना और ईशान मलिंगा संभालेंगे। संतुलित टीम के साथ श्रीलंका अब घरेलू दर्शकों के सामने खिताब जीतने के इरादे से उतरेगा।
