रवि किशन ने इस फिल्म के बारे में कहा कि वे हमेशा से इस शो के फैन रहे हैं। कहानीडायरेक्टर और उनके किरदार तीनों ही कारण थे जिनकी वजह से उन्होंने यह प्रोजेक्ट चुना। उनका किरदार एकतरफा प्यार में डूबा हुआ हैजिसे बिना ज्यादा एक्सप्रेशन के भी लोगों को हंसाना पड़ता है। रवि ने बताया कि बिहार और यूपी में उन्हें ऐसे लोगों से रोज मिलना होता हैइसलिए यह रोल उन्हें बेहद पसंद आया।
हालांकि रवि किशन दशकों से फिल्मों में काम कर रहे हैंलेकिन उन्हें बड़ी पहचान हाल ही में मिली। उन्होंने कहा कि उन्होंने 34 साल तक धैर्य से इंतजार किया और एक समय ऐसा भी आया जब लोगों को लगता था कि वे सिर्फ भोजपुरी फिल्मों तक सीमित रह गए हैंराजनीति में चले गए हैंउम्र बढ़ गई है और अब धीरे-धीरे गायब हो जाएंगे। लेकिन भगवान की कृपा सेजब सब कुछ खत्म होता दिखातभी किरण राव जैसी निर्देशक लापता लेडीज़ जैसी स्क्रिप्ट लेकर आईं और उसके बाद मामला लीगल है जैसी वेब सीरीज ने उन्हें नई पहचान दी।
रवि ने कहा कि पिछले साल ने साबित कर दिया कि जब फिल्ममेकर उन पर भरोसा करते हैं और अच्छा कंटेंट देते हैंतो वे क्या कर सकते हैं। उनकी जर्नी संघर्ष कर रहे कलाकारों के लिए एक मिसाल है।
उन्होंने तेरे नाम के बाद अपने करियर के उस दौर को याद किया जब काम के मौके बहुत कम मिल रहे थे। सलमान खान के साथ तेरे नाम के बाद उन्हें लगा कि यहां बहुत भीड़ हैवह इस रेस का हिस्सा नहीं बन पाएंगे और लोग उनका रिस्पॉन्स नहीं देंगे। गुस्सा और निराशा जरूर थीलेकिन उन्होंने उसी गुस्से को भोजपुरी इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने में लगाया। रवि ने साफ कहा कि उन्होंने कभी बॉलीवुड को दोष नहीं दियाक्योंकि हिंदी सिनेमा ने उन्हें पहचान दी और वही सब सिखायाजिसे बाद में भोजपुरी फिल्मों ने अपनाया।
अब जब उन्हें प्यार और पहचान मिल रही हैतो वे बेहद आभारी हैं। रवि किशन का कहना है कि यह उगते सूरज का खेल है और यह बात हर पेशे में सच है। उन्होंने कहा कि अब जो प्यार मिल रहा हैउसके लिए वह दिल से धन्यवाद करते हैं।
