2026 का यह टूर्नामेंट 2024 के सफल फॉर्मेट पर ही आधारित होगा जिसमें कुल 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं। हालांकि इस बार सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश की अनुपस्थिति में स्कॉटलैंड को मुख्य ड्रॉ में शामिल किया गया है। भारत को ग्रुप-ए में पाकिस्तान, नीदरलैंड्स, नामीबिया और यूएसए के साथ रखा गया है। भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला 7 फरवरी को यूएसए के खिलाफ खेलेगी। लेकिन टूर्नामेंट के सबसे हाई-वोल्टेज मैच यानी भारत बनाम पाकिस्तान को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। पाकिस्तान ने कोलंबो में 15 फरवरी को होने वाले इस मुकाबले का बॉयकॉट करने का फैसला किया है जिससे भारत को बिना खेले वॉकओवर के अंक मिल सकते हैं।
ग्रुप चरण की अन्य जंगों पर नजर डालें तो इंग्लैंड की टीम ग्रुप-सी में नेपाल, वेस्टइंडीज और इटली जैसी टीमों के खिलाफ अपना दम दिखाएगी। वहीं ऑस्ट्रेलिया ग्रुप-बी में मेजबान श्रीलंका और आयरलैंड के साथ भिड़ेगी। न्यूजीलैंड की राह थोड़ी कठिन मानी जा रही है क्योंकि उनके ग्रुप-डी में अफगानिस्तान और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमें शामिल हैं। माइकल वॉन द्वारा दक्षिण अफ्रीका को सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर बताना क्रिकेट प्रशंसकों के गले नहीं उतर रहा है क्योंकि प्रोटियाज टीम हमेशा से इस फॉर्मेट की दावेदार रही है। वॉन का मानना है कि न्यूजीलैंड की निरंतरता और एशियाई परिस्थितियों में उनका अनुभव उन्हें दक्षिण अफ्रीका से आगे ले जा सकता है।
डिफेंडिंग चैंपियन भारत के लिए यह वर्ल्ड कप अपनी बादशाहत बरकरार रखने की अग्निपरीक्षा होगा। जहाँ एक तरफ माइकल वॉन ने भारत को टॉप-4 में रखा है वहीं पाकिस्तान के बॉयकॉट वाले रवैये ने आईसीसी और क्रिकेट प्रशंसकों के बीच नई बहस छेड़ दी है। 8 मार्च को होने वाले फाइनल तक का सफर इस बार न केवल मैदान पर बल्कि मैदान के बाहर की रणनीतियों और भविष्यवाणियों के कारण भी बेहद दिलचस्प होने वाला है। वॉन की यह भविष्यवाणी कितनी सटीक बैठती है यह तो वक्त ही बताएगा लेकिन उन्होंने टूर्नामेंट से पहले माहौल को पूरी तरह से गरमा दिया है।
