राजगढ़। राजस्थान (Rajasthan) की झालावाड़ पुलिस (Jhalawar Police) और जिला स्पेशल टीम ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में चल रही एक ड्रग्स फैक्ट्री (Drugs Factory) का पर्दाफाश किया। पुलिस ने 320.72 किलोग्राम संदिग्ध केमिकल के साथ पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो एमडी जैसे खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स बनाने में उपयोग होने वाला था।
झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि मंगलवार रात को झालरापाटन थानाधिकारी अल्का और डीएसटी प्रभारी मोहन लाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्रोथ सेंटर चौराहे पर खड़ी संदिग्ध पिकअप और महिंद्रा टीयूवी की जांच की। तलाशी के दौरान पिकअप में घरेलू सामान के नीचे छिपाए गए छह ड्रम बरामद हुए, जिनमें केमिकल भरा हुआ था।
प्रारंभिक पूछताछ में पकड़े गए तस्करों – दीपक (30), जितेंद्र सिंह (41) और शैलेंद्र विलाला (26) ने बताया कि वे यह केमिकल ट्रांसपोर्ट के जरिए महाराष्ट्र से कोटा मंगवाते थे और फिर इसे मध्यप्रदेश के आगर में डिलीवरी देने जा रहे थे। इस सूचना पर पुलिस ने मध्यप्रदेश के सुसनेर में दबिश दी और मुख्य रिसीवर जयनारायण मामू और उसके साथी रामलाल को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में पता चला कि मुख्य सरगना रघुनंदन पाटीदार, जो इस ड्रग्स नेटवर्क का अहम हिस्सा था, फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश जारी रखी और उसके घर पर दबिश दी, जहां एक पूरी ड्रग्स फैक्ट्री संचालित हो रही थी। वहां से भारी मात्रा में ड्रग्स बनाने के उपकरण और केमिकल बरामद किए गए।
इस ऑपरेशन में डीआरआई जयपुर के इनपुट ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है और अब इस नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है, कि यह केमिकल कहां से सप्लाई हो रहा था और इसका जाल राजस्थान और मध्यप्रदेश के किन हिस्सों में फैला है।
