भोपाल/जबलपुर। मध्य प्रदेश प्रशासन में उस वक्त हड़कंप मच गया जब भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी विपिन पटेल ने अपने पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी। साल 2013 बैच के अधिकारी विपिन पटेल ने अचानक सेवा छोड़ने का निर्णय लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। उन्होंने अपना आधिकारिक त्यागपत्र PCCF प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स को भेज दिया है।
निजी कारणों से लिया फैसला
विपिन पटेल ने अपने इस्तीफे के पीछे पूरी तरह से ‘निजी कारणों’ का हवाला दिया है। उन्होंने विभाग को सौंपे गए पत्र में स्पष्ट किया कि वे 4 फरवरी 2026 से अपनी सेवाओं को पूर्ण विराम देना चाहते हैं और इसी तारीख से सेवा से मुक्त होने की इच्छा जताई है। हालांकि, इतने वरिष्ठ स्तर के अधिकारी का अचानक इस्तीफा देना कई सवाल भी खड़े कर रहा है, लेकिन अभी तक आधिकारिक रूप से किसी अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है।
जबलपुर में थे पदस्थ, कई जिलों में रहा लंबा अनुभव
इस्तीफा देने के समय विपिन पटेल जबलपुर प्लानिंग में डीएफओ के महत्वपूर्ण पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनका प्रशासनिक करियर काफी सक्रिय रहा है। इससे पहले वे रीवा, दमोह, सतना और अनूपपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में विभिन्न पदों पर कार्यरत रह चुके हैं। क्षेत्र में उनकी पहचान एक कार्यकुशल और सुलझे हुए अधिकारी के रूप में रही है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार
एक अनुभवी आईएफएस अधिकारी का सेवाकाल के बीच में ही इस्तीफा देना वन विभाग के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। अब सबकी नजरें सरकार और विभाग के आला अधिकारियों पर टिकी हैं कि क्या उनका इस्तीफा तत्काल स्वीकार किया जाता है या फिर उन्हें फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए मनाया जाएगा।
