नई दिल्ली। कैमरा और इमेजिंग टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनी Canon ने EOS R सिस्टम कैमरों के लिए दो क्रांतिकारी अल्ट्रा-वाइड एंगल RF माउंट L-सीरीज़ लेंस पेश किए हैं। इनमें RF7-14mm f/2.8-3.5L Fisheye STM और RF14mm f/1.4L VCM शामिल हैं। ये दोनों लेंस न केवल तकनीकी रूप से उन्नत हैं, बल्कि प्रोफेशनल फोटोग्राफर्स और वीडियोग्राफर्स को रचनात्मकता के बिल्कुल नए आयाम देने में सक्षम हैं।
190° व्यू वाला दुनिया का पहला फिशआई ज़ूम
190° व्यू वाला दुनिया का पहला फिशआई ज़ूम
Canon का RF7-14mm f/2.8-3.5L Fisheye STM दुनिया का पहला ऐसा लेंस है, जो 190 डिग्री का सर्कुलर एंगल ऑफ व्यू देता है। यह Canon का पहला नेटिव RF माउंट फिशआई ज़ूम लेंस भी है। फुल-फ्रेम कैमरे के साथ 7mm पर यह लेंस पारंपरिक EF8-15mm फिशआई की तुलना में 10 डिग्री ज्यादा कवरेज देता है, जिससे “ग्लास बॉल” जैसा अनोखा इफेक्ट मिलता है। यह लेंस आर्किटेक्चर, स्टेडियम और बड़े लैंडस्केप शॉट्स के लिए बेहद प्रभावी है।
इसका f/2.8 से f/3.5 का ब्राइट अपर्चर लो-लाइट फोटोग्राफी और बेहतर बोकेह की सुविधा देता है। वजन में करीब 12% हल्का (लगभग 476 ग्राम) होने के बावजूद इसकी इमेज क्वालिटी पहले से बेहतर है। Canon के EOS VR Utility सॉफ्टवेयर की मदद से इससे 2D 180° VR और हेमीस्फेरिकल पैनोरमा इमेज भी बनाई जा सकती हैं।
RF14mm f/1.4L VCM: सबसे वाइड और फास्ट प्राइम
दूसरा लेंस RF14mm f/1.4L VCM Canon का अब तक का सबसे वाइड और सबसे तेज नॉन-फिशआई प्रोफेशनल प्राइम लेंस है। यह खासतौर पर नाइट स्काई, मिल्की वे और लो-लाइट लैंडस्केप शूट करने वालों के लिए डिजाइन किया गया है। लगभग 578 ग्राम वजन के साथ यह अपने EF वर्जन से 10% हल्का है, लेकिन f/1.4 अपर्चर के कारण चार गुना ज्यादा रोशनी कैप्चर करता है।
इस लेंस में वीडियो-फ्रेंडली VCM मोटर, स्मूद अपर्चर कंट्रोल के लिए आइरिस रिंग और फोकस ब्रीदिंग को कम करने वाली ऑप्टिकल डिजाइन दी गई है। इसमें GMo एस्फेरिकल लेंस, फ्लोराइट और BR ऑप्टिकल एलिमेंट्स का इस्तेमाल किया गया है, जिससे कलर ब्लीडिंग और कोमा फ्लेयर कम होता है।
प्रोफेशनल L-सीरीज़ की मजबूती
दोनों ही लेंस Canon की L-सीरीज़ का हिस्सा हैं, जिनमें डस्ट और ड्रिप रेसिस्टेंट बॉडी, फ्रंट एलिमेंट पर फ्लोरिन कोटिंग और फ्लेयर-घोस्टिंग कम करने वाली एडवांस कोटिंग दी गई है। Canon का यह लॉन्च प्रोफेशनल इमेजिंग की दुनिया में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी दोनों में नई संभावनाओं के द्वार खोलता है।
