नई दिल्ली। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने इनकम-टैक्स नियम, 2026 (Income-tax Rules, 2026) का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। ये ड्राफ्ट नियम 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने का प्रस्ताव है। इन ड्राफ्ट नियमों में कई दूसरी पहलों के साथ-साथ इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग फॉर्म को आसान बनाया गया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने एक बयान में कहा कि ड्राफ्ट नियम और फॉर्म करीब 15 दिनों के लिए पब्लिक डोमेन में रहेंगे। सभी स्टेकहोल्डर्स और आम जनता से अनुरोध है कि वे इन ड्राफ्ट नियमों और फॉर्म को देखें और उन पर सोच-समझकर फीडबैक दें ताकि और बेहतर किया जा सके । आपको बता दें कि 15 दिन की अवधि 22 फरवरी, 2026 को पूरी हो रही है।
CBDT चेयरमैन ने क्या कहा था?
CBDT का कहना है कि ड्राफ्ट नियमों का हिस्सा नए फॉर्म को भी टैक्स देने वालों की आसानी के लिए काफी हद तक आसान बनाया गया है। बीते दिनों CBDT के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने बताया था कि इसके अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों की सूची भी जारी की जाएगी। अग्रवाल ने कहा था कि CBDT नए कानून पर ‘बार-बार पूछे जाने वाले सवाल’ (एफएक्यू) और एक प्रस्तुति तैयार करने पर भी काम कर रहा है।
यह नए अधिनियम के लागू होने के साथ जनता के लिए उपलब्ध होगी ताकि उन्हें चीजों को समझने में आसानी हो। सीबीडीटी प्रमुख ने कहा कि पिछले साल पूरा जोर (आयकर अधिनियम की) भाषा को सरल बनाने पर था और नए कानून को इस तरह से लाने पर था कि करदाता इसे आसानी से पढ़ और समझ सकें।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
नांगिया ग्लोबल के पार्टनर संदीप झुनझुनवाला ने कहा- इनकम टैक्स फॉर्म्स को आसान बनाया गया है। फॉर्म को ज्यादा साफ, आसानी से समझ में आने वाली भाषा में तैयार किया गया है ताकि ऑपरेशनल, एडमिनिस्ट्रेटिव या कानूनी अनिश्चितता से बचा जा सके और उनसे जुड़े नोट्स को भी उसी हिसाब से आसान बनाया गया है। खास बात यह है कि ड्राफ्ट फॉर्म नंबर 26, ऑडिट रिपोर्ट और इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 63 के तहत दी जाने वाली जानकारियों का स्टेटमेंट, ICDS एडजस्टमेंट का प्रावधान करता है।
