जिला स्तरीय पशु कल्याण एवं पशु क्रूरता समिति की बैठक संपन्न, कलेक्टर ने पशु प्रबंधन, पशु उपचार, उन्नत नस्ल विकास, पशु संवर्धन की समीक्षा की
नर्मदापुरम 12 ,फरवरी,2026(हिन्द संतरी) जिले में आवारा कुत्तों का आतंक चरम पर है, हाल ही में 1 फरवरी को नर्मदापुरम शहर के मीनाक्षी चौक, आनंद नगर, आदमगढ़ क्षेत्र में आवारा कुत्ते ने जमकर आतंक मचाकर 10 से 12 बजे के बीच 14 लोगों को अपना शिकार बनाया था ,इसके कुछ महीने पूर्व एक पागल कुत्ते ने 25 लोगों को काटकर जख्मी किया था बाबजूद पिछले साल 200 लोग कुत्तों के काटने के शिकार हुए , वही जिला चिकित्सालय में मई 25 में एक युवक के शव को कुत्ते ने नौच कर खाया था, तब लोगों को लगा की अब जिला प्रशासन यहाँ के नागरिकों की चिंता में उन्हें कुत्तों के आतंक से बचाएगा किन्तु यह क्या जिला पशु कल्याण समिति एवं जिला पशु क्रूरता निवारण समिति की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता कर रही कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने यहाँ के आम नागरिकों की नही बल्कि कुत्तों की चिंता कर आवारा कुत्तों को पकड़ने की चरणबद्ध कार्यवाही की बात की ।कलेक्टर ने कहा कि संस्थागत परिसरों में आवारा श्वानों के काटने की घटनाओं की रोकथाम एवं उनका प्रबंधन अत्यंत संवेदनशील विषय है। पशुपालन विभाग, सभी निकायों तथा समिति के सदस्य इस दिशा में विशेष सतर्कता बरतते हुए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक में एडिशनल एसपी अभिषेक राजन, उपसंचालक पशुपालन विभाग डॉ. सी.के. दुबे, सिविल सर्जन पशुपालन विभाग डॉ. शैलेंद्र नेमा सहित समिति के शासकीय एवं अशासकीय सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने डॉग शेल्टर हेतु चिन्हित भूमि पर शीघ्र कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया को तेजी से पूर्ण करते हुए सभी नगरीय निकाय सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें तथा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के तहत ही कार्य करें। कलेक्टर सुश्री मीना ने श्वानों की स्टरलाइजेशन प्रक्रिया के लिए पशुपालन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में आवारा श्वानों की समस्या अधिक है, वहां प्राथमिकता से अभियान संचालित किया जाए। परियोजना अधिकारी डूडा को निर्देशित किया गया कि सभी निकायों से डॉग शेल्टर के लिए भूमि चिन्हांकन, प्रस्ताव प्रेषण, कार्य प्रारंभ की स्थिति तथा कार्यक्रम के संचालन हेतु नोडल अधिकारियों की नियुक्ति सहित आवश्यक जानकारी एकत्रित कर प्रस्तुत करें।
पशु कल्याण समिति की बैठक में पशुपालन विभाग द्वारा जिले में पशु उपचार, उन्नत नस्ल विकास, पशु संवर्धन सहित अन्य विषयों की विस्तार से समीक्षा की गई तथा आवश्यक कार्यों को अनुमोदन प्रदान किया गया। जिला पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आवारा श्वानों को पकड़ने की कार्रवाई चरणबद्ध प्रक्रिया के तहत की जाए। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग के चिकित्सकों के साथ संयुक्त रूप से नोडल अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाए, ताकि श्वानों को पकड़ने और स्टरलाइजेशन की कार्यवाही सुरक्षित एवं मानक प्रक्रिया के अनुरूप की जा सके।

