गिरावट का नेतृत्व मेटल शेयरों ने किया। सेक्टोरल सूचकांकों में Nifty Metal 3.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे बड़ा लूजर रहा, जबकि Nifty Commodities 2.24 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। इसके अलावा Nifty Realty 2.23 प्रतिशत, Nifty Energy 2.04 प्रतिशत, Nifty FMCG 1.90 प्रतिशत, Nifty Oil & Gas 1.88 प्रतिशत, Nifty PSE 1.68 प्रतिशत और Nifty Consumption 1.63 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुए। इससे साफ है कि बिकवाली व्यापक रही और लगभग सभी प्रमुख सेक्टर दबाव में रहे।
सेंसेक्स पैक में हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा स्टील, टाइटन, टीसीएस, पावर ग्रिड, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में गिरावट देखी गई। वहीं बजाज फाइनेंस और एसबीआई ही ऐसे शेयर रहे जो हरे निशान में बंद हुए।
केवल लार्जकैप ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव रहा। Nifty Midcap 100 1,032.85 अंक यानी 1.71 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,438 पर बंद हुआ, जबकि Nifty Smallcap 100 311.20 अंक यानी 1.79 प्रतिशत गिरकर 17,032.90 पर आ गया। इससे संकेत मिलता है कि व्यापक बाजार में निवेशकों ने मुनाफावसूली या जोखिम कम करने की रणनीति अपनाई।
एलकेपी सिक्योरिटीज के विश्लेषक रूपक दे ने कहा कि अमेरिकी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के कारण निफ्टी की शुरुआत ही गिरावट के साथ हुई और दिनभर दबाव बना रहा। उन्होंने बताया कि इंडिया वीआईएक्स का 200 डीएमए के ऊपर जाना बाजार में बढ़ते डर को दर्शाता है। उनके अनुसार निफ्टी के लिए 25,500 का स्तर अहम सपोर्ट है और इसके नीचे जाने पर 25,000 का स्तर भी देखा जा सकता है। वहीं 25,800 के आसपास रुकावट का स्तर बना हुआ है।
इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी देखी गई। ब्रेंट क्रूड करीब 0.55 प्रतिशत बढ़कर 68 डॉलर प्रति बैरल के आसपास और डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग आधा प्रतिशत चढ़कर 63 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। तेल कीमतों में बढ़ोतरी भी बाजार की धारणा पर असर डाल सकती है।
कुल मिलाकर शुक्रवार का सत्र निवेशकों के लिए निराशाजनक रहा। वैश्विक संकेत, सेक्टोरल दबाव और तकनीकी कमजोरी ने मिलकर बाजार को लाल निशान में धकेल दिया। आने वाले सत्रों में 25,500 का स्तर निवेशकों की नजर में प्रमुख रहेगा।
