हेराथ पोश्ते का पर्व कश्मीरी पंडित समुदाय में धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। यह उनके पारंपरिक रीति-रिवाजों, सांस्कृतिक प्रथाओं और ऐतिहासिक परंपराओं को जीवित रखने का माध्यम है। इस अवसर पर परिवार और समुदाय के लोग मिलकर पूजा-अर्चना और उत्सव आयोजित करते हैं, जिससे सामाजिक और सांस्कृतिक बंधन मजबूत होते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के संदेश ने इस पर्व के अवसर पर समुदाय में उत्साह और आनंद की भावना बढ़ा दी है। उन्होंने यह भी आशा व्यक्त की कि यह पर्व सभी के लिए खुशियों और सफलता का संदेश लेकर आए। उनके संदेश ने यह स्पष्ट किया कि भारतीय समाज में सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं का सम्मान सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
हेराथ पोश्ते के अवसर पर कश्मीरी पंडित समुदाय देशभर में अपने घरों और मंदिरों में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार आयोजन करता है। इस पर्व के माध्यम से युवा पीढ़ी को भी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने शुभकामना संदेश के माध्यम से समाज में भाईचारे और सामूहिक कल्याण की भावना को भी उजागर किया। उनके संदेश ने न केवल कश्मीरी पंडित समुदाय, बल्कि पूरे देश में सांस्कृतिक और धार्मिक सौहार्द्र की भावना को बल दिया।
