राजधानी रायपुर के जे एन पांडेय स्कूल में परीक्षार्थियों का पारंपरिक रूप से तिलक लगाकर स्वागत किया गया, जिससे छात्रों का उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा। परीक्षा केंद्र में व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त परीक्षा पर्यवेक्षक, सुरक्षा कर्मी और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
छात्रों ने परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते समय बताया कि प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत सरल और स्पष्ट था। कई विद्यार्थियों ने कहा कि पेपर अच्छा होने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और बोर्ड परीक्षा का डर पहले दिन काफी हद तक कम हो गया। परीक्षार्थियों ने यह भी बताया कि प्रश्नपत्र में हल करने योग्य प्रश्नों की संख्या अधिक थी, जिससे समय प्रबंधन आसान रहा।
अभिभावकों ने भी इस अवसर पर बच्चों को उत्साहित किया। कुछ अभिभावकों ने कहा कि परीक्षा के लिए बच्चों की तैयारी अच्छी रही और सुरक्षित और सुव्यवस्थित परीक्षा केंद्र से उनकी चिंता काफी कम हुई। शिक्षक और स्कूल प्रशासन ने भी विद्यार्थियों को मानसिक रूप से तैयार किया और उन्हें परीक्षा के दौरान शांत रहने की सलाह दी।
परीक्षा अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा केंद्रों में कड़ाई से निगरानी रखी जा रही है। कैमरा और अन्य निगरानी उपायों के माध्यम से परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा, कोविड-19 के दृष्टिगत स्वास्थ्य मानकों का भी पालन सुनिश्चित किया गया है।
प्रदेश में 10वीं बोर्ड परीक्षा का यह पहला दिन छात्रों के लिए उत्साह और चुनौती दोनों लेकर आया। स्कूलों में शिक्षक और अधिकारियों का सहयोग, परीक्षा केंद्र की सुव्यवस्था और पारंपरिक स्वागत से विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ा। इसके साथ ही छात्रों ने आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ बोर्ड परीक्षा की शुरुआत की।
छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग ने सभी छात्रों को आगामी परीक्षाओं के लिए प्रेरित किया है और कहा है कि पूरी तैयारी और ध्यान से परीक्षा देना महत्वपूर्ण है। प्रदेशभर में अगले हफ्तों तक विभिन्न विषयों की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी, जिससे विद्यार्थियों को समय पर परिणाम मिलने की उम्मीद है।
