आज मध्य प्रदेश में BJP युवा मोर्चा द्वारा संभाग स्तर पर जंगी प्रदर्शन का ऐलान किया गया था। इसी क्रम में नदी गेट चौराहे से शिंदे की छावनी स्थित कांग्रेस कार्यालय तक युवा मोर्चा ने भारी संख्या में रैली निकाली। रैली में शामिल कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के पुतले के विरोध में नारे लगाए और भाजपा की ओर से विरोध प्रदर्शन को जोरदार रूप दिया।
कांग्रेस कार्यालय की ओर रैली की ओर बढ़ते कार्यकर्ताओं को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की। हालांकि युवा मोर्चा के कई कार्यकर्ता बैरिकेड तोड़ते हुए कार्यालय के पास पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता भी कार्यालय के बाहर पार्टी का झंडा लहराते हुए नारेबाजी करते नजर आए। दो घंटे तक लगातार तनाव और टकराव की स्थिति बनी रही लेकिन बड़ी अप्रिय घटना टल गई।
अंततः भाजपा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रतीक तिवारी ने राहुल गांधी का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन को अंजाम दिया। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी पीएम मोदी का पुतला जलाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते वह मौके से पुतला लेकर गायब हो गए। पुलिस ने बाद में कांग्रेस कार्यालय में पीएम मोदी का पुतला खोजने की कोशिश की लेकिन पुतला नहीं मिला। फिलहाल कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि शहर में दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति और प्रदर्शन ने माहौल तनावपूर्ण बना दिया था। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस फोर्स और बैरिकेडिंग का इंतजाम किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए समय पर कार्रवाई की गई और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्कता बरती गई।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि AI समिट जैसे कार्यक्रमों को लेकर दोनों पक्षों के कार्यकर्ता भावनाओं में बहकर प्रदर्शन करते हैं जो चुनावी और राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित करता है। ग्वालियर में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक तनाव दोनों पर ध्यान केंद्रित किया।
