घटना के अनुसार, दीपक उस समय मानसिक रूप से अस्थिर था और अचानक उसने अपने छोटे भाई दिलीप पर लोहे की सब्बल से हमला शुरू कर दिया यह देखकर उसकी माता कमलती धुर्वे और पिता हंसू धुर्वे ने छोटे बेटे को बचाने के लिए उसके ऊपर लेट गए लेकिन आरोपी ने उन्हें भी मार डाला
उस रात घर में मौजूद पांच वर्षीय प्रशांत परते जो अपने नाना-नानी के घर पर रहा करता था ने चश्मदीद होकर सब देखा प्रशांत के पिता सुखचंद परते ने बताया कि बच्चा उस वक्त पूरी घटना के बीच सुरक्षित जगह पर छिपा हुआ था दीपक ने अपने भांजे पर भी हमला करने की कोशिश की थी लेकिन वह बच गया दुख की बात यह है कि पालतू बिल्ली भी आरोपी की हिंसक कार्रवाई की शिकार हो गई
स्थानीय पुलिस ने बताया कि मृतकों में दीपक के माता-पिता और छोटे भाई शामिल हैं घटना के तुरंत बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आरोपी को हिरासत में लिया गया पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी अचानक हिंसक क्यों हुआ और उसके मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति क्या थी
सावंगा गांव के लोग इस घटना से स्तब्ध हैं कई लोगों ने बताया कि दीपक पहले से मानसिक रोगी था लेकिन इतनी हिंसा की उम्मीद किसी ने नहीं की घटना ने पूरे क्षेत्र में भय और सहम पैदा कर दिया पुलिस प्रशासन ने गांव में अतिरिक्त गश्ती बढ़ा दी है और स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है
विशेषज्ञ मानते हैं कि मानसिक रोगियों के लिए समय पर चिकित्सकीय देखभाल न होना और परिवार की सुरक्षा के उपाय न होना ऐसे हादसों की संभावना बढ़ा सकता है बच्चे और बुजुर्ग इस तरह की हिंसा में सबसे ज्यादा असुरक्षित होते हैं घटना के चश्मदीद पांच वर्षीय प्रशांत का बयान पुलिस जांच में अहम साबित हो सकता है
बैतूल के इस दर्दनाक कांड ने पूरे जिले में सवाल खड़े कर दिए हैं कि मानसिक रोगियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और समाज की जागरूकता कितनी महत्वपूर्ण है प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों को सख्त से सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा
