खगोलीय दृष्टि से आज सूर्य मंगल बुध शुक्र और राहु कुंभ राशि में स्थित हैं जबकि चंद्रमा मिथुन राशि के मृगशिरा नक्षत्र में विराजमान हैं। मृगशिरा नक्षत्र ज्ञान, खोज और मानसिक शांति का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र के देवता सोम माने जाते हैं जो अमृत और चंद्र ऊर्जा के प्रतिनिधि हैं। इसलिए आज का दिन ध्यान, जप, साधना और नए विचारों पर मनन के लिए विशेष रूप से फलदायी रहेगा।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज रात्रि 10 बजकर 33 मिनट तक प्रीति योग रहेगा। धार्मिक दृष्टि से यह योग आपसी सद्भाव, संबंधों में मधुरता और रुके हुए कार्यों की सिद्धि का संकेत देता है। इसी प्रकार अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक रहेगा जिसे दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ काल माना जाता है। वहीं अमृत काल रात्रि 1 बजकर 23 मिनट से 2 बजकर 53 मिनट तक रहेगा जो साधना और आध्यात्मिक चिंतन के लिए बेहद अनुकूल समय है।
हालांकि पंचांग में कुछ अशुभ काल भी बताए गए हैं। राहुकाल दोपहर 2 बजे से 3 बजकर 27 मिनट तक रहेगा और इस अवधि में नए कार्य, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय से बचने की परंपरा रही है। इसके अतिरिक्त गुलिकाल और यमगण्ड भी दिन के अलग-अलग समय में प्रभावी रहेंगे जिनमें सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
सूर्योदय प्रातः 6 बजकर 49 मिनट और सूर्यास्त सायं 6 बजकर 19 मिनट पर होगा। चंद्रोदय दोपहर 12 बजकर 54 मिनट पर तथा चंद्रास्त अगले दिन प्रातः 3 बजकर 46 मिनट पर होगा। धार्मिक दृष्टि से यह समय क्रम दैनिक पूजा, व्रत और आध्यात्मिक अनुशासन के निर्धारण में महत्वपूर्ण माना जाता है।
धर्माचार्यों का मत है कि आज का दिन आत्मसंयम, ज्ञानार्जन और ईश्वर स्मरण के लिए विशेष फलदायी है। ग्रहों की स्थिति मानसिक संतुलन विवेकपूर्ण निर्णय और सामाजिक मेल-जोल के संकेत देती है। श्रद्धालुओं को आज प्रार्थना दान और सकारात्मक संकल्प के माध्यम से जीवन में शांति और समृद्धि की कामना करनी चाहिए।
इस प्रकार आज का दिन आस्था, विवेक और सद्भाव के समन्वय का संदेश देता है। कर्म श्रद्धा और संयम जीवन को संतुलित दिशा प्रदान करते हैं। ध्यान साधना और ज्ञानार्जन के लिए अनुकूल यह दिन प्रत्येक व्यक्ति को अपने कार्यों और जीवन के प्रति जागरूक और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देता है।
