इस आदेश का दायरा केवल नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। इसमें आउटसोर्सिंग कर्मी संविदाकर्मी और सफाईकर्मी भी शामिल हैं। वित्त विभाग ने इस संबंध में औपचारिक शासनादेश जारी कर दिया है जिसमें साफ कहा गया है कि किसी भी कर्मचारी के वेतन या पेंशन में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है कि भुगतान प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होगी। समय पर वेतन वितरण सुनिश्चित करने के लिए आगामी शनिवार को भी कार्यदिवस घोषित किया गया है। यह कदम प्रदेश सरकार की ओर से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को त्योहार से पहले वित्तीय सुरक्षा देने की पहल है।
जानकारी के अनुसार यह व्यवस्था लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधे लाभान्वित करेगी। वेतन और पेंशन समय पर मिलने से न केवल कर्मचारियों में उत्साह बढ़ेगा बल्कि होली के त्योहार की तैयारियों में भी मदद मिलेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन की स्थिति में तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।
विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम राज्य सरकार की कर्मचारी-केंद्रित नीतियों का हिस्सा है जिसमें सरकारी कर्मचारियों की वित्तीय स्थिरता और मनोबल बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इससे प्रदेश में सरकारी सेवाओं के सुचारू संचालन को भी बल मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का यह प्रयास है कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को त्योहार के अवसर पर अतिरिक्त सुविधा मिले और वे अपने परिवार के साथ उत्साहपूर्वक होली मना सकें। इस पहल को लेकर कर्मचारियों में प्रसन्नता का माहौल देखा जा रहा है।
