
नर्मदापुरम 11,मार्च,2026(हिन्द संतरी) नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल द्वारा खेतों में खड़ी कृषि फसल की नरवाई (पराली) में आग लगाने पर रोक लगाई गई है। नर्मदापुरम जिले में फसल कटाई के पश्चात अगली फसल के लिए खेत तैयार करने के लिए फसल अवशेष (नरवाई/पराली) को आग लगाकर नष्ट लिए जाने से कई बार व्यापक अग्नि दुर्घटनाएं होने की संभावना रहती है, जिससे जन-धन की हानि हो सकती है। नरवाई जलाना न केवल कृषि के लिए नुकसानदायक है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी अत्यंत हानिकारक है। इसके कारण पूर्व वर्षों में जिले में कई अग्नि दुर्घटनाएं घटित हो चुकी हैं, जिनसे संपत्ति की हानि के साथ ही कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित हुई है। खेतों में लगी आग के अनियंत्रित होने पर जनसंपत्ति, प्राकृतिक वनस्पति तथा जीव-जंतुओं को भी भारी नुकसान पहुंचता है। साथ ही इससे मिट्टी में पाए जाने वाले लाभकारी सूक्ष्म जीवाणु नष्ट हो जाते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता धीरे-धीरे कम होती है और कृषि उत्पादन भी प्रभावित होता है।
इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जनसामान्य के हित, सार्वजनिक संपत्ति, पर्यावरण संरक्षण एवं लोक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री सोनिया मीना के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी श्री अनिल जैन द्वारा जिले की भौगोलिक सीमा में खेतों में नरवाई (पराली) जलाने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। उल्लेखनीय है की नरवाई जलाने पर लगाए गए प्रतिबंध के आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन, पर्यावरण विभाग भोपाल तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल केनिहित प्रावधानों के अनुसार अर्थदंड सहित अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
