
क्षतिग्रस्त एवं जर्जर भवनों को नोटिस देकर डिस्मेंटल किया जाए
नर्मदापुरम 11, मार्च,2026( हिन्द संतरी) ग्रीष्म ऋतु में पेयजल की आपूर्ति निर्बाध रूप से सुनिश्चित की जाए तथा आम जनता को जल संकट का सामना न करना पड़े, उक्ताशय के आदेश कमिश्नर केजी तिवारी ने सभी नगरपालिकाओं साईट ग्रामीण क्षेत्र में पीएचई को देते हुए कहा कि कहीं भी हैंडपंप या नल बंद या खराब होने की शिकायत प्राप्त होती है तो प्राथमिकता से उसमें सुधार कार्य कर ली जाए। जिले में स्थित सार्वजनिक क्षतिग्रस्त एवं जर्जर आंगनवाड़ी भवन, स्कूल भवन, पानी की टंकियां, ग्राम पंचायत भवन, ट्राइबल के सरकारी भवन आदि को प्राथमिकता से चिन्हित करते हुए नोटिस देते हुए उन्हें प्राथमिकता से डिस्मेंटल किया जाए। कमिश्नर ने कहा कि क्षतिग्रस्त भवन एवं जर्जर भवनों से कोई जनहानि ना हो इसके लिए अभी से चिन्हांकन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाए। उन्होंने कहा कि यदि स्कूल भवन जर्जर है तो बच्चों को अन्य भवनों में शिफ्ट कर शैक्षणिक कार्य कराया जाए किसी भी स्थिति में जर्जर भवनों में बच्चों की शैक्षणिक कार्य न कराया जाए। संभागीय समय सीमा की बैठक में उपायुक्त विकास डी एन पटेल, एसडीएम इटारसी निलेश शर्मा, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती सरोज परिहार सहित संभागीय आधिकारी गण उपस्थित रहे।
कमिश्नर ने अधीक्षक यंत्री विद्युत विभाग को निर्देश दिए कि वह ग्रीष्म काल को देखते हुए बिजली की आपूर्ति भी नियमित रूप से सुनिश्चित करें। यदि कहीं ट्रांसफार्मर या ओवरलोड होने के कारण शार्ट सर्किट हो रही है वहां पर प्राथमिकता से ट्रांसफार्मर और तार बदलने की कार्रवाई भी की जाए। विद्युत को लेकर कोई भी जनहानि की घटना घटित ना होने पाए। कमिश्नर ने निर्देश दिए की जिला एवं तहसील एवं जनपद मुख्यालय स्तर के सभी कार्यालय में ई ऑफिस सिस्टम से ही कार्य संपादित किए जाएं। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में वे इस बात की समीक्षा करेंगे की सभी कार्यालयों में ई ऑफिस सिस्टम से ही कार्य किए जा रहे हैं कि नहीं।
कमिश्नर श्री तिवारी ने मुख्यमंत्री उधम क्रांति योजना के अंतर्गत स्व रोजगार के लिए मिलने वाली ऋण राशि के प्रकरणों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने नर्मदा पुरम हरदा एवं बैतूल के महाप्रबंधक उद्योग को सख्त चेतावनी दि की वे 31 मार्च तक शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने इस बात पर सख्त नाराजगी जाहिर की की पूरे वर्ष उद्योग विभाग द्वारा मुख्यमंत्री उधम क्रांति योजना के अंतर्गत कुछ विशेष कार्य नहीं किया गया है। उन्होंने जीएम डीआईसी को अपनी कार्य प्रणाली सुधारने के सख्त निर्देश दिए। श्रम विभाग की अनुग्रह सहायता राशि की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित प्रकरणों पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को कारण बताओं नोटिस देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुग्रह सहायता राशि स्वीकृत करने में किसी भी प्रकार की हीला हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पात्र व्यक्तियों को प्राथमिकता से अनुग्रह सहायता राशि दिलाई जाएगी।
