एसपी अमित कुमार ने बताया कि जांच के लिए SIT गठित की गई है। एक टीम भोपाल गई है, जहां परीक्षा से जुड़े तकनीकी साक्ष्य जैसे सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेज इकट्ठा किए जा रहे हैं। दूसरी टीम 12 संदिग्ध अभ्यर्थियों की तलाश में भिंड और मुरैना की ओर गई है। पुलिस को कुछ अहम सुराग भी मिले हैं, जिनके आधार पर जांच को और तेज कर दिया गया है।
जांच में सामने आया कि 12 अभ्यर्थियों ने परीक्षा बहुत असामान्य तरीके से पूरी की। दो घंटे की परीक्षा में पहले एक घंटे तक माउस तक हाथ नहीं लगाया और चुपचाप बैठे रहे। इसके बाद 15 मिनट और 30 मिनट में 100 प्रश्न हल कर दिए। इससे पहले ये सभी अभ्यर्थी अन्य पुलिस भर्ती में शामिल हुए थे, लेकिन उनके अंक 50 से कम थे। इस बार इन्हें 90 से अधिक अंक मिले और 100 पर्सेंटाइल हासिल हुई।
जानकारी के मुताबिक सभी 12 अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर किसी एक व्यक्ति ने मदद दी थी। ये अभ्यर्थी अलग अलग तारीख और शिफ्ट में परीक्षा देने आए, लेकिन मदद करने वाला वही था और केंद्र भी एक ही था।परीक्षा का आयोजन मुंबई की कंपनी एप्टेक लिमिटेड ने किया था। यह कंपनी पहले उत्तर प्रदेश, असम, जम्मू कश्मीर और लद्दाख में पेपर लीक और स्क्रीन शेयरिंग के मामलों में ब्लैकलिस्टेड हो चुकी है।
रतलाम पब्लिक स्कूल में लगभग 4500 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा 9 से 21 सितंबर 2025 के बीच भोपाल, इंदौर, रतलाम समेत 11 शहरों में आयोजित हुई। रतलाम केंद्र को पहली बार इस परीक्षा के लिए चुना गया था। ईएसबी ने बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आने के बाद स्कूल को आगामी परीक्षाओं के लिए बैन कर दिया है।
इस मामले में 2 मार्च को भोपाल थाने में शून्य पर केस दर्ज किया गया। केस डायरी रतलाम ट्रांसफर की गई और असल मर्ग कायम किया गया। पुलिस सभी तथ्यों की विस्तृत जानकारी जुटा रही है।
CSO सत्येंद्र घनघोरिया ने बताया कि SIT की दो टीमें अलग अलग जिम्मेदारियों के साथ काम कर रही हैं। एक टीम तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है, जबकि दूसरी टीम आगे की जांच में मदद कर रही है।
