भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नागरिकों को रसोई गैस संबंधी परेशानी नहीं होगी। प्रदेश में घरेलू रसोई गैस सहित पीएनजी और सीएनजी की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार देर शाम एक बयान में कहा कि वर्तमान में मिडिल ईस्ट-एशिया में युद्ध की स्थितियों के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मंत्रीगण सजग हैं। नागरिकों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर कालाबाजारी रोकने के लिए पूरे प्रबंधन किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक गतिविधियों के कारण से पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस के संबंध में वर्तमान स्थितियों में अभी तक अधिकांश कच्चे तेल की आपूर्ति स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होती थी, जिसे परिवर्तित कर अन्य स्थानों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। साथ ही देश की रिफाइनरी उच्च क्षमता पर कार्य कर रही है। प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिये वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता के माध्यम से खरीदी प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि घरेलू पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति बिना कटौती के हो रही है। रिफाइनरी को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे वर्तमान में एलपीजी उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि भी हुई है। इसके अलावा एक विशेष उपलब्धि प्राप्त हुई है कि जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले ऐसे जहाज एवं टेंकर जिनमें भारतीय फ्लेग लगे हैं उनको नहीं रोका जाएगा, यह एक राजनयिक विजय है, जिससे पेट्रोलियम सप्लाई में बाधा समाप्त होगी।
उन्होंने बताया कि गैस आपूर्ति प्रबंधन के लिये प्राकृतिक गैस नियंत्रण आदेश जारी किया गया है, जिससे देश में किसी भी प्रकार की घरेलू गैस की आपूर्ति में कमी न हो। उपरोक्त के अनुक्रम में प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, एटीएस, क्रूड ऑयल और घरेलू गैस की किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है तथा निरंतर आपूर्ति जारी है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं हुई है। इसी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार वरिष्ठ मंत्रियों की समिति का गठन भी किया गया है।
मुख्य सचिव जैन ने जिला कलेक्टर्स को दिये निर्देश
मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने गुरुवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कमिश्नर-कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ पश्चिम-मध्य एशिया में युद्ध के कारण उत्पन्न हुई स्थिति के दृष्टिगत एलपीजी सहित अन्य ईंधन की उपलब्धता की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में डीजीपी कैलाश मकवाना और एसीएस शिवशेखर शुक्ला एवं रश्मि अरुण शमी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव जैन ने कलेक्टर्स से कहा कि घरेलू गैस वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था को और मजबूत करें तथा इससे जुड़ी कंपनियां भी सर्वर आदि की क्षमता बढाएं जिससे रिफिल बुकिंग ओटीपी जनरेशन और वितरण बिना असुविधा के सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सुनिश्चत करें कि गलत सूचनाओं का प्रसार और अफवाहों को सख्ती से रोंके और उपभोक्ताओं तक मीडिया आदि का उपयोग कर सही सूचना पहुचाएं। उन्होंने कहा कि नागरिकों के बीच सकारात्मक माहौल बनाए और सूचना तंत्र मजबूत कर अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी की कोई भी घटना नही हो, यह सुनिश्चत करें।
मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स द्वारा होटल्स, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन आदि के संचालकों से बात कर रसोई गैस की जगह इलेक्ट्रिक भट्टी और इंडेक्शन आदि का उपयोग बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सभी कलेक्टर्स से कहा कि वे भी वैकल्पिक और सुरक्षित ईंधन के उपयोग के प्रति नागरिकों और खानपान व्यवसाय में लगे लोगों बीच वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के प्रति जागरूकता बढाएं।
मुख्य सचिव जैन ने विभिन्न शहरों में पीएनजी के कनेक्शन की जानकारी ली और कलेक्टर्स से कहा कि वे अधिकाधिक उपभोक्ताओं को पाइप लाइन गैस प्रणाली से जोड़ें। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि सी एम हेल्पलाइन की शिकायतों का उसी दिन संतुष्टि पूर्वक समाधान सुनिश्चित किया जाए।
डीजीपी मकवाना ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे सोशल मीडिया सहित विभिन्न प्लेट फार्म पर गलत सूचनाओं और अफवाह फैलाने वालों पर कार्यवाही करें और संपूर्ण व्यवस्था में सुरक्षात्मक इंतजाम सुनिश्चित करें।
खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरूण शमी ने बताया कि प्रदेश में एलपीजी सहित पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश के सीएनजी स्टेशन एवं पीएनजी उपभोक्ताओं के उपयोग के लिए एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश मे पेट्रोलियम/ सीएनजी, पीएनजी गैस की आपूर्ति लगातार जारी है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त मात्रा में एलपीजी की लगातार उपलब्धता है। शैक्षणिक एवं चिकित्सा संस्थानों को वाणिज्यिक सिलेंडर के उपयोग की छूट प्रदान की गई है। उन्होंने कलेक्टर्स से मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने के लिए भी कहा है।
कांफ्रेंस में इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, सागर, धार के कलेक्टर्स सहित ग्वालियर एवं रीवा के कमिश्नर ने किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। एसीएस रश्मि अरूण शमी ने अधिकारियों से कहा कि वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं वैकल्पिक ईंधन स्रोतों को अपनाने की सलाह दें। जहां पीएनजी लाइन उपलब्ध है वहां पीएनजी के कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया जाए। जिन कामो में गैस ज्यादा खर्च होती है उनको नियंत्रित करने एवं विकल्प तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाए। जिला कलेक्टर, जिले के खाद्य नियंत्रक/अधिकारी, ऑयल कंपनी के नोडल अधिकारी तथा एलपीजी वितरकों से समन्वय कर एलपीजी की आवश्यकता तथा उपलब्धता की प्रतिदिन समीक्षा भी करें।
वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा
प्रदेश में घरेलू रसोई गैस की कोई कमीं नहीं है और उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। राज्य शासन एलपीजी सहित अन्य ईंधन के परिवहन, भंडारण और वितरण पर पूरी तरह से सतर्क है। एसीएस रश्मि अरूण शमी को समन्वय अधिकारी बनाया गया है, वे प्रतिदिन सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों से संवाद और समन्वय करेंगी। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद गलत सूचनाओं के कारण घरेलू गैस की कमी की अफवाह फैलने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि रसोई गैस सहित अन्य ईंधन का सुरक्षित परिवहन, भंडारण और वितरण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य स्तर के साथ ही जिला स्तर पर भी कंट्रोल रूम बनाए जाएं जहां प्रतिदिन की स्थिति की समीक्षा के साथ ही समाधान हो। बैठक में बताया गया कि गैस कंपनियों की भी हेल्पलाइन से लोगों को सही जानकारी दी जा रही है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जन भावनाओं के दृष्टिगत कंट्रोल रूम में कई फोन नम्बर रखें तथा दक्ष अमले की तैनाती की जाए। उन्होंने कहा कि रसोई गैस वितरण की पारदर्शी व्यवस्था है और संबंधित विभागों का दायित्व है कि वे ऐसा वातावरण तैयार करें जिससे जन भावनाएं व्यवस्था के साथ हों।
