जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायाधीश Sunit Agarwal ने बताया कि प्रकरणों के निराकरण के लिए पूरे जिले में कुल 60 खंडपीठों का गठन किया गया है। वर्तमान में जिला भोपाल के न्यायालयों में विभिन्न प्रकार के कुल 1,62,077 लंबित मामले हैं।
राजीनामा योग्य प्रकरण
नेशनल लोक अदालत में न्यायालय में लंबित आपराधिक शमनीय प्रकरण, धारा 138 पर अकाउंटिंग अधिनियम, क्लेम प्रकरण, विद्युत अधिनियम, वैवाहिक विवाद और अन्य सिविल मामले सहित कुल 12,189 राजीनामा योग्य प्रकरण रखे गए हैं।
प्री-लिटिगेशन प्रकरण
विद्युत अधिनियम, बैंक रिकवरी, जलकर, बीएसएनएल विभाग और यातायात ई-चालान से जुड़े 80,127 प्री-लिटिगेशन प्रकरण भी अदालत में प्रस्तुत किए गए।
विशेष छूट
जिला न्यायालय भोपाल, तहसील न्यायालय बैरसिया, कुटुंब न्यायालय और श्रम न्यायालय सहित विभिन्न स्थानों पर खंडपीठें बनाई गई हैं। इस दौरान विद्युत विभाग और नगर निगम शासन के निर्देशानुसार अपने मामलों में छूट प्रदान कर रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक मामलों का समाधान किया जा सके।
नेशनल लोक अदालत का यह आयोजन जिले में लंबित मामलों के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
