नर्मदापुरम19 ,मार्च,2026(हिन्द संतरी ) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित नर्मदापुरम में 60 करोड़ रुपए के गबन धोखाधड़ी के मामलों में उपपंजीयक सहकारिता एवं सयुंक्त आयुक्त नर्मदापुरम ने 150 से अधिक मामलों 70 से अधिक कर्मचारिओ को दोषी पाकर वसूली के आदेश पिछले दो दशकों से लंबित है तथा अनेक मामले कलेक्टर के पास आर्बिटेशन में होने के बाद भी इन दोषी कर्मचारिओ से समर्थन मूल्य पर खरीदी कराकर समितियों को नुकसान पहुचाया जा रहा है। वर्ष 2014 में हरदा शाखा में 2 करोड़ 77 लाख रुपए की सिल्क की कमी में पुलिस थाने हरदा में दर्ज मामले में तत्कालीन बैंक के मुख्यकार्यपालन अधिकारी आर के दुबे सहित अन्य लोग जेल के सीखचों में रहने के बाद सेवाए दे रहे है, मामला हरदा की कौर्ट में प्रचलित है जिसमें जांच में दोषियो पर न्यायालय के निर्णय से पूर्व आज कलेक्टर एवं प्रशासक सुश्री सोनिया मीना की अध्यक्षता में बैंक स्टाफ उपसमिति की बैठक बैंक में उपायुक्त सहकारिता जिला नर्मदापुरम शिवम मिश्रा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित नर्मदापुरम श्री विनय प्रकाश सिंह की उपस्थिती में 3 कर्मचारियों की सेवाए समाप्त की गई, किन्तु प्रश्न शेष उन कर्मचारियों का रह गया जो लाखो करोड़ो के गबन आर्थिक अनिमितताओं के बाद भी बचा है, यह अलग बात है की सहकारिता के इतिहास में दोषारोपण के बाद व्याज सहित राशि जमा करने के आदेश पर मात्र सुरेश गुप्ता द्वारा ही राशि जमाँ की गई,जो एक अपवाद ही है|
जबकि समिति गौंचीतरोंदा के प्रबन्धक स्सुरेश साहू ने वर्ष 2015- 16 में 6 करोड़ रुपए पुरानी इटारसी की आर्थिक अनियमितताए सहित, बनखेड़ी के समिति प्रबन्धक ओमप्रकाश रावत व हेमराज पर वर्ष 2018-19 में 3 करोड़ 27 लाख, अंहाई समिति बनखेड़ी के प्रबन्धक रामेश्वर तिवारी पर वर्ष वर्ष 2023-24 में 31 लाख 30 हजार, ठीकरी समिति सोहागपुर शाखा के नेतराम पटेल 20 लाख 23 हजार,नवलगांव सोहागपुर के समिति प्रबन्धक रघुवीरसिंह ठाकुर सहित अन्य पर 76 लाख, रामपुर समिति पिपरिया के समिति प्रबन्धक राघवेंद्र शर्मा से वर्ष 2021-22 में 1 करोड़ 30 लाख, वर्ष 2019-20 में 21 लाख 25 हजार एव वर्ष 2018-19 में 68 लाख 92 हजार, रायपुर समिति नर्मदापुरम में वर्ष 2018-19 में राजेन्द्र पालीवाल द्वारा 14 लाख 34 हजार, नवलगांव समिति सोहागपुर के समिति प्रबन्धक नवनीत दीवान एव अन्य द्वारा 75 लाख 25 हजार रुपए, अमृतप्रभा वेयरहाउस समनापुर के प्रबन्धक विनोद सोनी द्वारा वर्ष 2023-24 में 48 लाख 26 हजार, बहारपुरसमिति शाखा सेमरीहरचंद में वर्ष 2005 से वर्ष 2013 कि स्थिति में शाखा प्रबन्धक रज्जन सिंह तोमर द्वारा 17 लाख 69 हजार रुपए, पूरेनाकला नानपा नर्मदापुरम के समिति प्रबन्धक कमलेश गिरि पर 4 लाख 54 हजार, सेवा सहकारी समिति खपरिया सोहागपुर के समिति प्रबन्धक पर 63 लाख रुपए के गबन धोखाधड़ी के आदेश उपपंजीयक एवं सयुक्त पंजीयक सहकारी संस्था के न्यायालय द्वारा जारी किए जा चुके है जिसमें समितिओ में हुये 60 करोड़ से अधिक के घोटालेवाज़ कर्मचारिओ की एक लंबी लिस्ट है जिसपर कलेक्टर बैंक प्रशासक का ध्यान नहीं है | चूंकि कलेक्टर /प्रशासक ने जिन्हे आपराध दर्ज होने के 12 साल बाद सेवाए समाप्त की उसमें बैंक के पूर्व मुख्यकार्यपालन अधिकारी आर के दुबे अपेक्स बैंक के केडर अधिकारी से अपेक्स द्वारा वर्ष 2011 में सेवाए समाप्त के बाद वर्ष 2022 में केडर अधिकारी का दर्जा प्राप्त कर चुके पर क्या कार्यवाही हुई इसकी जानकारी नही हो सकी | इस संबंध में बैठक में उपस्थित उपायुक्त शिवम दुबे, वर्तमान एमडी विनयप्रकाश सहित प्रशासक से मोबाइल पर चर्चा करनी चाहिए किन्तु किसी के द्वारा भी फोन रिसीवे नहीं किये जाने से आरके दुबे पर कार्यवाही की जानकारी नही हो सकी|
उक्त बैठक में कलेक्टर सुश्री मीना द्वारा बैंक की शाखा खिड़किया से राशि रूपये 43.00 लाख की फर्जी एडवाईज जारी कर समायोजन किये जाने श्री ज्ञानेश्वर काले तत्कालीन लिपिक, शाखा खिड़किया, श्रीमती भावना काले, तत्कालीन लिपिक, मुख्य शाखा हरदा को जारी कारण बताओं सूचना पत्र की विभागीय जांच श्री सुनील धनगर, प्रभारी शाखा प्रबंधक, शाखा खिड़किया एवं श्री मुकेश गौर, तत्कालीन समिति प्रबंधक को बैंक द्वारा जारी कारण बताओं सूचना पत्र की विभागीय जांच श्री सतीशचंद्र सिटोके, प्र.नोडल अधिकारी, नोडल शाखा हरदा से कराई गई। उक्त दोनों जांच अधिकारियों द्वारा जारी कारण बताओं सूचना पत्र में दोषी कर्मचारियों पर बैंक द्वारा लगाये गये आरोप प्रमाणित पाये जाने से श्री काले को बैंक के आदेश क्रमांक 3874 12.03.2026, श्रीमती काले को बैंक के आदेश क्रमांक 3877 12 मार्च 2026 एवं श्री गौर को बैंक के आदेश क्रमांक 3875 12 मार्च 2026 से सेवा समाप्त करने के दण्ड से दंडित किया जाकर आदेश जारी दिनांक से इनकी सेवायें समाप्त की गई।
इसी प्रकार बैंक की शाखा मुख्य हरदा में राशि रूपये 2.77 करोड़ के सिलक शार्टेज के प्रकरण में सुदर्शन जोशी तत्कालीन प्र.शाखा प्रबंधक मुख्य शाखा हरदा एवं श्रीमती भावना काले, तत्कालीन लिपिक/कैशियर को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किये जाकर विभागीय जांच संस्थित की गई थी। उक्त दोनों कर्मचारियों को जारी कारण बताओं सूचना पत्र की विभागीय जांच 03 सदस्यीय जांच दल को सौंपी गई थी। जांच दल के द्वारा बैंक को प्रस्तुत जांच रिपोर्ट अनुसार उक्त दोनों दोषी कर्मचारियों पर बैंक द्वारा लगाये गये आरोप सिद्ध पाये जाने से श्री जोशी के सेवानिवृत्त होने से प्रस्तावित दंड दिया जाना संभव नहीं होने एवं श्रीमति काले को सेवामुक्ति दंड में किसी प्रकार की कमी नहीं करते बैंक के आदेश क्रमांक 3875 12 मार्च 2026 से सेवा समाप्त करने के दंड से दंडित किया गया तथा प्रकरण में उक्त दोनों दोषियों से उक्त प्रकरण की शेष रही ब्याज की राशि रूपये 35.46 लाख की वसूली हेतु सहकारी विधान की धारा 64 में सक्षम न्यायालय में वाद दायर करने के शाखा प्रबंधक मुख्य शाखा हरदा को निर्देश दिये गये।
कलेक्टर एवं प्रशासक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित नर्मदापुरम सुश्री सोनिया मीना की अध्यक्षता में बैंक स्टाफ उपसमिति की बैठक बैंक प्रधान कार्यालय नर्मदापुरम के सभाकक्ष में में आयोजित की गई। उक्त बैठक में उपायुक्त सहकारिता जिला नर्मदापुरम शिवम मिश्रा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित नर्मदापुरम श्री विनय प्रकाश सिंह उपस्थित रहे।
