मुंबई। बॉक्स ऑफिस पर तेजी से आगे बढ़ रही फिल्म धुरंधर 2 अब राजनीतिक विवादों में घिरती नजर आ रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने फिल्म पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसके प्रदर्शन पर रोक लगाने और निर्माताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अल्वी का कहना है कि फिल्म में माफिया अतीक अहमद की सार्वजनिक हत्या को सही ठहराने का प्रयास किया गया है, जो समाज और न्याय व्यवस्था के लिए गलत संदेश देता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या फिल्मों के जरिए इस तरह की घटनाओं को उचित ठहराना सही है।
“ऐसी फिल्मों से माहौल खराब होता है”
राशिद अल्वी ने आरोप लगाया कि इस तरह की फिल्मों से देश का माहौल खराब होता है। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है ऐसी फिल्मों को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का समर्थन या फंडिंग मिलती हो, हालांकि इस दावे के समर्थन में उन्होंने कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया।
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि अगर फिल्मों के जरिए हत्याओं को जायज ठहराया जाएगा, तो क्या देश में अदालतों की जरूरत ही खत्म हो जाएगी?
पाकिस्तान-चीन एंगल पर भी सवाल
कांग्रेस नेता ने फिल्म की कहानी पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें केवल पाकिस्तान के खिलाफ माहौल दिखाया गया है, जबकि चीन का जिक्र नहीं किया गया। उनके मुताबिक, यह एकतरफा सोच को दर्शाता है।
नोटबंदी को लेकर भी उठे सवाल
अल्वी ने दावा किया कि फिल्म में नोटबंदी जैसे मुद्दे को भी सही ठहराने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि इस तरह के चित्रण से उन लोगों की पीड़ा नजरअंदाज होती है, जो उस फैसले से प्रभावित हुए थे।
बॉक्स ऑफिस पर मजबूत प्रदर्शन
विवादों के बीच धुरंधर 2 की कमाई लगातार बढ़ रही है। फिल्म ने रिलीज के शुरुआती दो दिनों में ही 200 करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन कर लिया है। इससे पहले इसके पहले भाग धुरंधर ने 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की थी।
प्रोपेगैंडा बनाम एंटरटेनमेंट की बहस
फिल्म को लेकर देश में दो धड़े बनते दिख रहे हैं। एक पक्ष इसे प्रोपेगैंडा करार दे रहा है, जबकि दूसरा इसे मनोरंजन और देशभक्ति से जुड़ी कहानी बता रहा है।
फिलहाल, धुरंधर 2 पर बैन को लेकर कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है, लेकिन इस विवाद ने फिल्म को लेकर राजनीतिक बहस जरूर तेज कर दी है।
