इजरायली के अनुसार, अहमदी ने इस साल की शुरुआत में ईरान में हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों पर सरकार की कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इन प्रदर्शनकारियों में हजारों लोगों की मौत हुई, और इजरायल का दावा है कि अहमदी इसमें शामिल था।
आंकड़ों के अनुसार, इजरायली इन हमलों के माध्यम से ईरानी सत्ता पर अधिकारियों की पकड़ को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है। हाल के हमलों में कई बड़े ईरानी अधिकारी मारे गए हैं, जिनमें सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई, सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी और इंटेलिजेंस मंत्री इस्माइल खतीब शामिल हैं।
ईरानी अधिकारियों के खिलाफ इस तरह के एयर स्ट्राइक यह संकेत देते हैं कि इजरायल अब केवल सीमांत या मध्य पूर्व तक ही सीमित नहीं रहना चाहता है, बल्कि वह ईरान के आंतरिक सुरक्षा आयाम और इंटेलिजेंस नेटवर्क को भी प्रभावित बना रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि यह कार्रवाई मध्य पूर्व की स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा के आंकड़ों से गंभीर है। यदि तनाव इसी तरह बढ़ता है, तो यह सीधे तौर पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति, वैश्विक व्यापार और सैन्य रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है।
इस बीच, ईरानी मीडिया ने केवल धमाकों की पुष्टि की है लेकिन हमले के प्रभाव और हताहतों की जानकारी साझा नहीं की है। इसका मतलब यह है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अभी भी स्थिति की पूरी संभावनाओं का आकलन कर रहा है।
संक्षेप में, इजरायल के हमले यह दबाव हैं कि मध्य पूर्व में संघर्ष अब सिर्फ स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि ईरान के मुख्य शहरों और वरिष्ठ अधिकारियों तक फैल चुका है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक राजनीतिक संतुलन पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।
