नेहरू नगर आंगनवाड़ी क्रं. 1061 में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मंत्री सुश्री भूरिया ने बच्चों और उनके अभिभावकों को शुभकामनाएँ दीं और बताया कि आंगनवाड़ी केन्द्र केवल बच्चों की देखभाल का स्थान नहीं बल्कि मातृ शिशु स्वास्थ्य पोषण और प्रारंभिक शिक्षा का समन्वित केन्द्र हैं। उन्होंने कहा कि यहां गर्भवती महिलाओं के पंजीयन से लेकर बच्चों के जन्म और छह वर्ष की आयु तक पोषण स्वास्थ्य और समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में “पोषण भी पढ़ाई भी” कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है जिससे बच्चों को खेल खेल में प्रारंभिक शिक्षा प्रदान की जाती है।
मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि 3 से 6 वर्ष की आयु में बच्चों का शारीरिक बौद्धिक सामाजिक और भावनात्मक विकास आंगनवाड़ी केन्द्रों में विशेष ध्यान का विषय होता है। इसके आधार पर बच्चे आगे विद्यालयी शिक्षा के लिए तैयार होते हैं। भारत सरकार के निर्देशानुसार अब आंगनवाड़ी में 3 वर्ष की प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने वाले बच्चों को विद्यारंभ प्रमाणपत्र प्रदान किया जा रहा है जिससे उनकी शाला पूर्व शिक्षा को औपचारिक मान्यता मिल सके।
उपलब्धि के इस अवसर पर मंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि वे मातृ शिशु स्वास्थ्य पोषण और शिक्षा जैसे अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन समर्पण और लगन के साथ कर रही हैं। उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप हर वर्ष लाखों बच्चे गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर विद्यालय में प्रवेश के लिए तैयार हो रहे हैं।
सचिव महिला बाल विकास श्रीमती जी. वी. रश्मि ने इस अवसर पर कहा कि विद्यारंभ प्रमाणपत्र केवल एक दस्तावेज़ नहीं है बल्कि बच्चों की शिक्षा यात्रा का पहला महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसका उद्देश्य आंगनवाड़ी की अनौपचारिक शिक्षा से प्राथमिक विद्यालय की औपचारिक शिक्षा में बच्चों का सहज और आनंदपूर्वक प्रवेश सुनिश्चित करना है। उन्होंने माता पिता विशेषकर पिता की भूमिका को बच्चों के समग्र विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
सचिव श्रीमती रश्मि ने यह भी कहा कि यह पहल राष्ट्रीय ECCE नीति 2013 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल परिवार और समुदाय में शाला पूर्व शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ेगी बल्कि बच्चों के स्कूल में प्रवेश और उनकी शैक्षणिक निरंतरता को भी बल मिलेगा।
कार्यक्रम में मंत्री सुश्री भूरिया ने बच्चों को प्रमाण पत्र वितरित किए और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर बच्चों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए जबकि उनके अभिभावकों ने आंगनवाड़ी में शिक्षा और पोषण से हुए बदलावों के अनुभव साझा किए। इस प्रकार विद्यारंभ उत्सव ने बच्चों परिवार और समाज में शाला पूर्व शिक्षा के महत्व को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया।
