बैठक में रीवा फ्लाइओवर संस्कृत विश्वविद्यालय लक्ष्मण बाग के समीप प्रस्तावित एप्रोच रोड मऊगंज बायपास और मऊगंज–पटेरा औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क सहित अन्य प्रमुख अधोसंरचना परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति प्रगति और शेष कार्य पर विस्तृत चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जिन कार्यों में अंतर्विभागीय समन्वय की आवश्यकता है उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र हल किया जाए।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्पष्ट किया कि सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने प्रशासनिक स्तर की स्वीकृतियों भूमि संबंधी मुद्दों तकनीकी अड़चनों और मैदानी समस्याओं की पहचान कर त्वरित और यथोचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने क्षेत्र के औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूत अधोसंरचना की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। बेहतर सड़क संपर्क और परिवहन सुविधाएं निवेश आकर्षित करने में सहायक होंगी जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों में संतुलित और समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उप मुख्यमंत्री ने अधोसंरचनात्मक विकास को शासन की प्राथमिकताओं में शामिल बताया और कहा कि सभी परियोजनाओं का समयबद्ध पूर्ण होना विंध्य क्षेत्र के दीर्घकालीन विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों की प्रगति नियमित रूप से रिपोर्ट की जाए और किसी भी बाधा को तुरंत दूर किया जाए।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव श्री सुखवीर सिंह सहित संबंधित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अधिकारियों से कहा कि अधोसंरचना विकास केवल सड़क और पुल निर्माण तक सीमित नहीं है बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास की रीढ़ है। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजनाओं की समयबद्ध पूर्णता से न केवल जनता को लाभ मिलेगा बल्कि क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री ने बैठक का समापन करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार विंध्य क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। अधोसंरचना परियोजनाओं को समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करना इस प्रयास का अहम हिस्सा है और यह क्षेत्र की दीर्घकालीन प्रगति सुनिश्चित करेगा।
