मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जबरदस्त उछाल
बाजार में तेजी सिर्फ बड़े स्टॉक तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिड और स्मॉलकैप स्टॉक में भी स्टॉक शॉप देखने को मिली। 2.04 प्रतिशत और मैक्सिकन स्मॉलकैप में 2.29 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो व्यापक बाजार में रेस्तरां का संकेत है। सेक्टर प्रदर्शन की बात करें तो रियल्टी सेक्टर सबसे आगे चल रहा है और 3.55 फीसदी का उछाल आया है। इसके अलावा मेटल, मीडिया, ऑटो और पीएससी बैंक सेक्टर में भी 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। कंपनी और फार्मास्युटिकल सेक्टर में भी करीब 1 फीसदी से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली, जिससे बाजार में लगातार तेजी बनी रही।
इन स्टॉक में रही सबसे ज्यादा तेजी
मर्चेंडाइज50 के प्रमुख स्टॉक में श्रीराम फाइनेंस, ट्रेंट, अदाणी इंटरप्राइजेज, ग्रासिम, अदाणी पोर्ट्स और अल्ट्राटेक के स्टॉक में सबसे ज्यादा उछाल दर्ज किया गया है। इन दिग्गज स्टॉकहोम ने मार्केट को नई पेट्रोलियम तक पहुंचाया, अहम भूमिका निभाई। दूसरी ओर, मुद्रा बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के स्वामित्व में गिरावट के साथ 93.95 पर खुला, जबकि पिछले दिन यह 93.87 पर बंद हुआ था। हालांकि रुपये की इस गिरावट का बाजार पर ज्यादा नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा और निवेशकों का रुख सकारात्मक बना हुआ है।
तेल की उपज में गिरावट से बाजार में मिला सहारा
पिछले कुछ दिनों से अमेरिका-ईरान में तनाव के कारण कच्चे तेल की भारी मात्रा में निकासी देखने को मिल रही थी, जिससे असमानता और आर्थिक विकास को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। लेकिन अब सीजफायर की उम्मीदों के मुताबिक ब्रेंट क्रूड करीब 7 प्रतिशत जनरेट 97.18 डॉलर प्रति शेयर और डब्लूटीआई क्रूड 6 प्रतिशत से ज्यादा जनरेट 86.72 डॉलर पर है। तेल की कमी से भारत जैसे देश के लिए राहत भरी खबर है और बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला है। विशेषज्ञ का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा में अर्थशास्त्रीय संस्थानों और संस्थाओं के प्रदर्शन पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि वर्तमान में तेजी से उत्साह बढ़ता जा रहा है, लेकिन अगर मेडिकल एहम रेजिस्टेंस ग्रुप को पार नहीं मिल पाता है, तो सामान्य स्तर पर उत्साहवसूली देखी जा सकती है। ऐसे में निवेशकों को साथ लेकर सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी गई है।
