सरकार की ओर से बताया गया कि कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं जिनका उद्देश्य उत्पादन बढ़ाना लागत कम करना और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है सरकार ने यह भी बताया कि कृषि बजट में पिछले वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है वर्ष 2013 14 में यह बजट 21 हजार करोड़ रुपये के आसपास था जो अब बढ़कर वर्ष 2025 26 में एक लाख 27 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है
सरकार ने यह भी दावा किया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने हजारों किसानों की सफल कहानियों का संकलन तैयार किया है जिसमें लगभग 75 हजार किसानों की आय विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दोगुनी या उससे अधिक होने का उल्लेख किया गया है ये कहानियां कृषि तकनीक और सरकारी योजनाओं के संयुक्त प्रभाव को दर्शाती हैं
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के सर्वेक्षण के अनुसार किसान परिवारों की औसत मासिक आय में भी वृद्धि दर्ज की गई है वर्ष 2012 13 में यह आय लगभग 6426 रुपये थी जो वर्ष 2018 19 में बढ़कर 10218 रुपये हो गई इस आंकड़े से यह संकेत मिलता है कि किसानों की आय में लगातार सुधार हुआ है हालांकि यह वृद्धि सभी किसानों के लिए समान नहीं है
इसके अलावा उपभोग व्यय के आंकड़े भी इस बात को दर्शाते हैं कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है ग्रामीण क्षेत्रों में मासिक उपभोग व्यय 1430 रुपये से बढ़कर 4122 रुपये हो गया है जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 2630 रुपये से बढ़कर 6996 रुपये तक पहुंच गया है यह वृद्धि आर्थिक विकास और जीवन स्तर में सुधार को दर्शाती है
सरकार ने किसानों की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं भी लागू की हैं जिनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना जैसी प्रमुख योजनाएं शामिल हैं इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता बीमा सुरक्षा और पेंशन सुविधा दी जा रही है
कृषि मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार किसानों की आत्महत्या से संबंधित आंकड़ों को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के माध्यम से संकलित करती है और इन आंकड़ों को नियमित रूप से प्रकाशित किया जाता है राज्यों द्वारा प्रभावित परिवारों को राहत राशि भी प्रदान की जाती है
सरकार का कहना है कि फसल विविधीकरण ड्रोन तकनीक प्राकृतिक खेती और कृषि स्टार्टअप जैसे कार्यक्रमों से कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं बन रही हैं और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा रहा है जिससे उनकी आय बढ़ाने में मदद मिल रही है
सरकार का दावा है कि विभिन्न योजनाओं बजट वृद्धि और तकनीकी सुधार के माध्यम से किसानों की आय में सुधार हुआ है हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि अभी भी इस दिशा में और प्रयासों की आवश्यकता है ताकि सभी किसानों को समान रूप से लाभ मिल सके
