राजाराम नगर निवासी सुनील चौहान ने भी अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि उनका आयुष्मान कार्ड चार साल पहले बना था और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उनका नियमित डायबेसिस एंटरप्राइजेज है। 2022 से आयुष्मान योजना के तहत उनका इलाज मुफ्त हो रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि यदि वैधानिक आयुष्मान नहीं होता है, तो हर बार डाय बस के लिए खर्च करना होगा। इस तरह के जिलों में कई मरीज ऐसे हैं जो गंभीर रूप से सक्रिय हैं और इलाज में पहले लाखों रुपये खर्च करते थे, लेकिन अब आयुष्मान योजना के माध्यम से उन्हें मुफ्त इलाज मिल रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सरोजिनी जेम्स ने बताया कि जिले के अस्पतालों सहित अन्य संबंधित क्षेत्रों में आयुष्मान योजना के तहत गरीबों का इलाज मुफ्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड के कारण मरीज अब बेहतर स्वास्थ्य सेवा बिना आर्थिक भार के प्राप्त कर रहे हैं। यह पहला गरीब और धार्मिक लोगों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का बड़ा कदम साबित हो रहा है।
आयुष्मान योजना के माध्यम से देवास जिले में न सिर्फ डायरिया बल्कि अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में भी मरीजों को राहत मिल रही है। इस मित्र और उनके परिवार का आर्थिक दबाव कम हुआ है और उन्हें समय पर उपचार मिलने के कारण जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। योजना ने गरीबों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को आसान और सस्ता बनाने के लिए सामाजिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
