बीड़ी, सिगरेट,तम्बाकू, पान मसाले सभी वैसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और सभी पैकेटस पर ये वेधानिक चेतावनी ( Statutory Warning ) भी लिखी होती है। लेकिन इनकी जब लत लग जाती है तो इसे छोड़ना मुश्किल हो जाता है। इनका सर्व व्यापी प्रभाव बढ़ता भी जा रहा है। विशेषकर युवाओं और, मजदूरों मे ।। बीड़ी सिगरेट हमारे सामाजिक समारोहों मे परम्परागत रूप से एक स्वागत वस्तु के रूप मे परोसी जाती है ( वो भी ठीक नहीं है ) कुछ पेये पदार्थ ( Soft drinks ) भी। भोजन के बाद पान या कुछ माउथ फ्रेसनर etc. ठीक है, लेकिन गुटके, विमल, दिलबाग,तानसेन और मिनी टोबेको पाऊच भी अब इसमे घुसते जा रहे है ये धीरे धीरे एक सामाजिक स्वीकृति ( Social Approval ) ग्रहण करते जा रहे है, जो निश्चित रूप से चिंताजनक बात है और इसे रोका जाना चाहिए।
अभी 10 – 12 दिन पहले मै उनियारा के एक गाँव मे एक सगाई कार्यक्रम मे गया था उसमे ये पान मसाले बहुत प्यार से थाली मे भरकर अतिथियों को पेश किये जा रहे थे। मेने उसका एक फोटो भी लिया जो मै प्रस्तुत है । मै ये देखकर चौंक गया लेकिन बाकी सभी बड़े प्रेम से इनका सेवन करते नजर आये। ये एक नई कुरीति बनने जा रही है। प्लीज इसे प्रोत्साहित न करे। किसी भी सूरत मे ये समारोह की शोभा नहीं बढाते। खाने पीने की और ही ढेर सारी अच्छी और स्वास्थवर्धक वस्तुए/ पदार्थ उपलब्ध है , आप उनसे मेहमानो का स्वागत करे , लेकिन पान मसालों से नहीं।
