इस पूरी घटना की सबसे बड़ी बात यह रही कि इतने लंबे आउटटेज़ के बावजूद अब तक कंपनी की ओर से इसके निष्कर्षों पर कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। इस तरह के उपभोक्ता और टेक गैजेट्स के बीच कई तरह के आर्किटेक्चर मिल रहे हैं। खास बात यह है कि जनवरी 2025 में अपना आर1 मॉडल लॉन्च करने के बाद डीपसीक एआई चैटबॉट का एपटाइम रिकॉर्ड करीब 99 प्रतिशत बताया जा रहा है, ऐसे में यह इवेंट कंपनी की वेबसाइट पर भी भरोसेमंद सवाल कर रही है।
जनवरी 2025 में लॉन्च होने के बाद डीपसीक एआई चैटबॉट ग्लोबल लेवल पर चर्चा में आया था। इसके एडवांस्ड आर्किटेक्चरल मॉडल्स ने टेक इंडस्ट्री में हलचल मचा दी थी और सिलिकॉन वैली के कई बड़े उद्यमों के स्टॉक में गिरावट का आकलन किया गया था। उस समय यह भी कहा गया था कि होटल की वैश्विक दौड़ में अमेरिका की बढ़त को चुनौती मिल सकती है।
हालाँकि, अभी भी डीपसीक एआई चैटबॉट का मुकाबला चैटजीपीटी, जेमिनी और क्लाउड जैसे बड़े प्लेटफॉर्म से पूरी तरह से नहीं मिला है। इसी बीच अमेरिकी कंपनी एंथ्रोपिक ने हाल ही में डीपासिक में कुछ चीनी कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
एंथ्रोपिक का दावा है कि उनके क्लाउड मॉडल के निर्माण के माध्यम से ‘डिस्टिलेशन’ तकनीक का अवैध उपयोग किया गया। इसके लिए हजारों की संख्या में निवेशकों का रिकॉर्ड बनाया गया और लाखों स्टॉक के जरिए डेटा इकट्ठा किया गया। कंपनी ने चेतावनी दी है कि इस तरह के विकसित मॉडल मॉडलों में सुरक्षा संबंधी खामियां हो सकती हैं और इनका इस्तेमाल खतरनाक वस्तुओं जैसे साइबर हमले, निगरानी और गलत जानकारी के जरिए किया जा सकता है। इस पूरी घटना में एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया गया है कि रैपिड से हल्दी मसाला तकनीक के बीच सुरक्षा, मरम्मत और रखरखाव का महत्व है।
