यह रिपोर्ट US कांग्रेस रिसर्च सर्विस (CRS) ने जारी की है। रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग में खुद को मध्यस्थ के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है।
पाकिस्तान में सक्रिय 15 बड़े आतंकवादी समूह
रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में आज भी करीब 15 बड़े आतंकवादी समूह सक्रिय हैं। इनमें वैश्विक स्तर पर सक्रिय, भारत-केंद्रित, अफगानिस्तान-केंद्रित, घरेलू स्तर के और सांप्रदायिक समूह शामिल हैं। इनमें से 12 समूहों को अमेरिकी कानून के तहत ‘विदेशी आतंकवादी संगठन’ (FTOs) घोषित किया गया है और अधिकांश चरमपंथी विचारधारा से प्रेरित हैं। रिपोर्ट में इस बात पर चिंता जताई गई है कि पाकिस्तान इन नेटवर्कों को खत्म करने में विफल रहा है। 2014 के ‘नेशनल एक्शन प्लान’ में सभी सशस्त्र मिलिशिया को समाप्त करने का आदेश दिया गया था, लेकिन पाकिस्तान अब तक इन आतंकियों को पाल रहा है।
भारत के लिए खतरा: सक्रिय समूहों के दस्ते
रिपोर्ट में विशेष रूप से भारत-केंद्रित समूहों की ओर ध्यान खींचा गया है। हिजबुल मुजाहिदीन और जैश-ए-मोहम्मद जैसे समूहों के पास 1,500 से अधिक सक्रिय समर्थक मौजूद हैं। लश्कर-ए-तैयबा, जैश और हिजबुल जैसे समूह भी पाकिस्तान में सुरक्षित ठिकाने बना रहे हैं।
पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश
रिपोर्ट ने पाकिस्तान की दलीलों की पोल भी खोली। पाकिस्तान बलूचिस्तान में उग्रवाद को भारत प्रायोजित बताता है, जबकि अमेरिकी रिपोर्ट ने हक्कानी नेटवर्क का सीधा संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों से जोड़ा है। भारत पहले ही इन आरोपों को खारिज कर चुका है और स्पष्ट कर चुका है कि पाकिस्तान को अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए दूसरों पर आरोप लगाना बंद करना चाहिए।
