टीम की पहचान अभी भी साफ नहीं
अभिनव मुकुंद ने ईएसपीएनक्रिकइंफो से बातचीत में कहा कि एलएसजी अभी भी अपनी स्पष्ट पहचान बना रही है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि गुजरात टाइटंस का उदाहरण दिया गया है, जो 2022 में ही बनी टीम है, लेकिन अब उसकी रणनीति और खेल शैली के लिए जाना जाता है। मुकुंद के अनुसार, गुजरात अपनी गेंदबाजी और अनुभवी स्पिनरों पर भरोसा करता है, जबकि लखनऊ में ऐसी स्पष्ट रणनीति पर नजर नहीं पड़ती।
शीर्ष क्रम मजबूत, लेकिन मध्य क्रम क्रमिक
उन्होंने कहा कि मिचेल मार्श और एडेन मार्कराम जैसे खिलाड़ी टॉप नंबर में मजबूत हैं, लेकिन इसके बाद टीम में विश्वसनीयता की कमी नजर आ रही है। खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार एक जैसा नहीं रहता, जो टीम के लिए चिंता का विषय है।
ऑनलाइन भी स्थिरता का अभाव
मार्क वुड जैसे खिलाड़ी कभी-कभी मैच जिताने वाले प्रदर्शन करते हैं, लेकिन वह लगातार नहीं होते हैं। मुकुंद का मानना है कि येही सुपरमार्केट टीम को पीछे छोड़ रही है।
टीम कॉम्बिनेशन पर भी उठे सवाल
दिल्ली के लॉज में एलएसजी का संतुलन भी बना हुआ है। टीम में सात बल्लेबाज और सिर्फ चार कलाकार शामिल हुए। मुकुंद ने इस फैसले को लॉटरी में शामिल किया था, खासकर तब जब दिगवेश राठी को टीम में शामिल नहीं किया गया था।
मैच का हाल: 141 पर सेमी एलएसजी
लखनऊ सुपर जाइंट्स की पूरी तरह से फ्लॉप रही और टीम 18.4 ओवर में 141 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। जवाब में दिल्ली कैपिटल्स ने 17.1 ओवर में 145 रन बनाकर मुकाबला आसानी से जीत लिया।
आगे की राह आसान नहीं
एलएसजी का अगला मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 5 अप्रैल को राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में होगा। टीम को इस मैच में वापसी के लिए रणनीति और प्रदर्शन दोनों में सुधार करना होगा।
अब तक का रिकॉर्ड
2022 लीग में शामिल हुई लखनऊ सुपर जाइंट्स ने अब तक 58 मैचों में 30 जीत और 28 हार दर्ज की है। टीम दो बार प्लेऑफ़ में पहुंची है, लेकिन पिछले सीज़न में वह जगह पर रही थी।
