मंदिर शिवपुरी झांसी लिंक रोड पर स्थित है और इसकी पीछे की ओर सीधे माधव टाइगर रिजर्व का घना जंगल फैला हुआ है। इस प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थल पर मेले का आयोजन हर साल प्राचीन परंपराओं के अनुसार होता आया है। स्थानीय ग्रामीण इस अवसर को बड़े उत्साह से मनाते हैं और दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु भी इस पर्व में शामिल होते हैं।
हनुमान जयंती के मौके पर मंदिर के प्रांगण में श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा-अर्चना की। भक्तों ने हनुमान जी की प्रतिमा पर फूल, फल और अन्य धार्मिक सामग्री अर्पित की। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की कतारें लगी रही। मेले में पूजा-पाठ के अलावा भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचन भी आयोजित किए गए।
मेला केवल धार्मिक महत्व का ही नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। आसपास के ग्रामीण इस मेले में अपनी स्थानीय हस्तकला, खाद्य और अन्य सामान की दुकानें लगाते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलता है। बच्चों और युवाओं के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेलकूद की गतिविधियां भी आयोजित की गईं।
इस अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मंदिर और मेले के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में नियंत्रण बनाए रखने के लिए ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मेला प्राचीन काल से चल रहा है और इसे लेकर विशेष श्रद्धा भाव रखा जाता है। श्रद्धालु हनुमान जी के आशीर्वाद प्राप्त करने और अपने परिवार के सुख-शांति के लिए दूर-दूर से यहां आते हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के कारण यह मेला जिले का एक प्रमुख पर्व बन गया है।
भक्तों ने बताया कि जंगल की पृष्ठभूमि में स्थित यह मंदिर और मेला का माहौल अत्यंत रमणीय और आध्यात्मिक अनुभव देता है। साथ ही यह आयोजन लोगों को एकजुट होने और धार्मिक चेतना बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करता है।
इस प्रकार शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व के पास स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में हनुमान जयंती के अवसर पर लगने वाला यह विशाल मेला धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक समरसता का अद्वितीय उदाहरण बन गया है।
