नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (West Asia.) में तनाव की वजह से लंबे समय बंद होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने को लेकर गुरुवार को अहम बैठक हुई। ब्रिटेन की अगुवाई में हुई इस बैठक में भारत (India) समेत कई देशों को न्योता दिया गया था। भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी (Foreign Secretary Vikram Misri) वर्चुअल मीटिंग में शामिल हुए। इस दौरान, भारत ने दो टूक कहा कि हम इकलौते देश हैं, जिसने अपने नाविक खोए हैं। भारत ने इस बैठक में होर्मुज को खोलने की वकालत की।
मिसरी गुरुवार को ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर की अध्यक्षता में हुई बैठक में वर्चुअली शामिल हुए। इस बैठक में फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। अमेरिका को इस बैठक में शामिल नहीं होना था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में बताया, “ब्रिटेन ने होर्मुज पर बातचीत के लिए कई देशों को आमंत्रित किया था, जिसमें भारत भी शामिल है।”
उन्होंने दोहराया कि भारत अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप, मुक्त और खुले समुद्री सुरक्षा का समर्थन करता है। जायसवाल ने कहा, “हम होर्मुज से सुरक्षित और मुक्त आवागमन सुनिश्चित करने की मांग को प्राथमिकता के तौर पर लगातार उठाते रहे हैं।” ब्रिटेन की अगुवाई में हुई इस बैठक के नतीजों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस टीवी संबोधन के कुछ ही घंटों बाद हुई थी, जिसमें उन्होंने ईरान के साथ अपने युद्ध के संदर्भ में कहा था कि इस रणनीतिक जलमार्ग की सुरक्षा करना अन्य देशों की जिम्मेदारी है।
इस मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि ब्रिटेन द्वारा बुलाई गई बैठक से तुरंत कोई बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद कम ही है। उन्होंने कहा कि इस स्ट्रेट से भारत के जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता पक्का करना अभी भी एक पेचीदा मामला बना हुआ है, और यह पक्का करने के लिए कि जहाज बारूदी सुरंगों वाले इस जलमार्ग से सुरक्षित रूप से गुजर सकें, ईरान की तरफ से करीबी तालमेल की जरूरत है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, “जहां तक भारत की बात है, आप अच्छी तरह जानते हैं कि हम स्वतंत्र और खुले कमर्शियल शिपिंग के पक्ष में हैं, और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार समुद्री सुरक्षा के पक्ष में हैं।” उन्होंने कहा, “हम प्राथमिकता के तौर पर होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित और स्वतंत्र आवागमन सुनिश्चित करने की लगातार अपील कर रहे हैं।” ईरान द्वारा होर्मुज को लगभग बंद कर देने के बाद वैश्विक तेल और गैस की कीमतें बढ़ गई हैं। यह स्ट्रेट फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक संकरा शिपिंग मार्ग है, जिससे दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) का परिवहन होता है। पश्चिम एशिया भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का एक प्रमुख स्रोत रहा है।
