अगले 24 घंटों में जिन जिलों में मौसम प्रभावित रहेगा, उनमें ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर और पांढुर्णा शामिल हैं। इन क्षेत्रों में दोपहर के बाद मौसम बदल सकता है और 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है।
सुबह से सक्रिय रहा मौसम सिस्टम
शनिवार को प्रदेश में चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) के चलते सुबह से ही कई जिलों में बारिश शुरू हो गई थी। दोपहर बाद इसका असर और बढ़ा। बैतूल, श्योपुर और मुरैना में भारी ओलावृष्टि से सड़कों पर सफेद परत जम गई। वहीं, भोपाल में रात के समय मौसम बदला। सीहोर, विदिशा, रतलाम और रायसेन सहित करीब 20 जिलों में बारिश और कहीं-कहीं तेज आंधी भी चली।
तेज आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिन यानी 8 अप्रैल तक प्रदेश में तेज हवाएं चलेंगी। कुछ जिलों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि अन्य इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार रहने की संभावना है।
10-11 अप्रैल तक असर रहेगा
प्रदेश में फिलहाल सक्रिय मौसम सिस्टम के साथ 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी प्रभाव डालेगा। इसके चलते 10-11 अप्रैल तक कहीं आंधी तो कहीं बारिश की स्थिति बनी रह सकती है।
इसके बाद यह सिस्टम कमजोर होगा और तापमान में तेजी से वृद्धि शुरू होगी। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से ही गर्मी तेज होने लगेगी। महीने के अंतिम सप्ताह में ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी और नौगांव-खजुराहो में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दतिया, मुरैना, श्योपुर, बड़वानी, खरगोन और धार जैसे जिलों में तापमान में और बढ़ोतरी होगी। दरअसल, अप्रैल में प्रदेश के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में गर्म हवाएं चलती हैं, जिससे इन इलाकों में भीषण गर्मी का असर देखने को मिलता है।
