सुरेन्द्र त्रिपाठी जी
बाघों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है,
फिर एक बाघ की करंट से हुई मौत, वन विकास निगम की सीमा से सटे राजस्व क्षेत्र में हुई मौत
उमरिया 07 अप्रेल 2026 (हिन्द संतरी )- जिले में बाघों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जैसे ही बाघ बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व क्षेत्र की सीमा से बाहर निकलते हैं वैसे ही घात लगाए लोग उनको मौत तक पहुंचा देते हैं l ऐसा ही मामला सामने आया वन विकास निगम के चंदिया रेंज की सीमा से लगे ग्राम मझगंवा और चंदवार की सीमा पर कक्ष क्रमांक पी एफ 111 के बगल से राजस्व क्षेत्र से जहां कई दिन पुराना सड़ा गला बाघ का शव मिला है, सबसे खास बात यह है कि वन विकास निगम के मिलीभगत से चंदिया रेंज से अवैध रेत भी निकाली जाती है और रेंजर योगेश गुप्ता को नजर ही नहीं आता है कि हमारे क्षेत्र में क्या होता है, ऐसे ही 13 दिसंबर 2025 को चंदिया रेंज अंतर्गत कथली नदी के किनारे एक बड़े भाजपा नेता के खेत के पास बाघ का करंट लगा कर शिकार किया गया था और उसके शिकारी पकड़े भी गए लेकिन वन विभाग के सहयोग से सभी बरी भी हो गए, वहीं आज भी वन विकास निगम के चंदिया रेंज एवं रेग्युलर के चंदवार बीट के बगल से पी एफ 111 से सटे राजस्व क्षेत्र में बाघ का सड़ा गला शव बरामद हुआ है, जिसको देखने से नजर आता है कि करंट लगा कर शिकार किया गया होगा l
इस मामले में वन विकास निगम के डी एम अमित पटौदी ने बताया कि पी 111 के बगल से राजस्व क्षेत्र में बाघ का शव मिला है, हमने टाइगर रिज़र्व की टीम, डॉग स्क्वाड, डाक्टर सभी को सूचना दे दिया है, उनके आने के बाद ही कुछ हो सकेगा वहीं पूछने पर बताए कि करंट से मौत होने की संभावना है लेकिन पोस्टमार्टम के बाद ही सब क्लियर हो पायेगा l
गौरतलब है कि वन विकास निगम एव सामान्य वन मंडल के पास अच्छा खासा अमला होने के बाद भी बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व क्षेत्र से जो बाघ निकल कर इनकी सीमा में आ जाता है, उसकी मौत लगभग निश्चित ही हो जाती है, इतना ही नहीं इनकी मनमानी की चलते शिकारी भी बरी हो जाते हैं जिसके चलते अवैध शिकार करने वालों के मन में सजा का भय नहीं रहता और वो खुले आम वन्य जीवों का शिकार करते हैं, ऐसे में आवश्यकता है कि वन विकास निगम एव सामान्य वन मंडल की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए ताकि वनों एव वन्य जीवों का संरक्षण हो सके l
सुरेन्द्र त्रिपाठी
उमरिया
