नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 07,अप्रैल,2026 (हिन्द संतरी) कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने नगरीय निकायों की समीक्षा करते हुए उपस्थित मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को पीएम आवास योजना 1.0 एवं 2.0, स्वच्छता सर्वेक्षण, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आवारा श्वानों के प्रबंधन के लिए जारी दिशा निर्देशों के पालन तथा समस्त नगरीय निकायों में ईऑफिस के माध्यम से फाइलों के परिचालन के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान संयुक्त कलेक्टर एवं पीओ डूडा देवेंद्र सिंह सहित समस्त सीएमओ एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 के तहत अपूर्ण आवास शीघ्र पूर्ण किए जाएं
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 के अंतर्गत नगरीय निकायों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने योजना के तहत पूर्व में स्वीकृत आवासों की संख्यात्मक जानकारी, पूर्ण एवं अपूर्ण आवासों की स्थिति तथा अपूर्णता के कारणों सहित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिन आवासों की राशि हितग्राहियों को हस्तांतरित की जा चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हुआ है, ऐसे मामलों में संबंधित हितग्राहियों को नोटिस जारी कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी सीएमओ को निर्देशित किया कि योजना के प्रत्येक बिंदु पर गंभीरता से कार्य करते हुए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। साथ ही 30 जून की समय-सीमा निर्धारित कर ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने प्लिंथ स्तर, छत स्तर, अपूर्ण, आरआरसी तथा अप्रारंभ आवासों की पृथक-पृथक जानकारी तैयार कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारियों (सीएमओ) को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर करते हुए अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त कलेक्टर ने आरआरसी से संबंधित सभी प्रकरणों में राजस्व अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही पीएम आवास योजना 2.0 के तहत भी पट्टा वितरण की कार्यवाही ने गति लाई जाए एवं प्राप्त आवेदनों के विरुद्ध पात्र आवेदनों को अगले स्तर पर प्रेषित करें एवं जियो टैगिंग के लिए लंबित आवेदनों में भी शीघ्र ही जियो टैग किया जाना सुनिश्चित करें।
स्वच्छता सर्वेक्षण में सभी निकाय टॉप 10 में स्थान बनाने पर करें फोकस
कलेक्टर द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत नगरीय निकायों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए समस्त मुख्य नगरपालिका अधिकारियों (सीएमओ) को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि एमआईएस पोर्टल पर की गई प्रविष्टियों की जानकारी सहित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि कार्यों की वास्तविक स्थिति का सटीक आकलन किया जा सके। कलेक्टर ने “सुपर 75” के अंतर्गत चिन्हित निकायों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि वे टॉप 10 में स्थान सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक निर्धारित घटक में अतिरिक्त प्रयास करें। उन्होंने कहा कि सभी सीएमओ प्रत्येक बिंदु का गहन परीक्षण कर कमियों को दूर करें और बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करें। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए नगरीय निकायों को आवश्यक सहयोग एवं संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इस हेतु परियोजना अधिकारी डूडा द्वारा हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी निकाय प्रत्येक घटक के लिए पूर्व नियोजित रणनीति के साथ कार्य करें। साथ ही गत वर्ष जिन कारणों से स्वच्छता सर्वेक्षण में अंक कटे थे, उनका गंभीरता से विश्लेषण कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि इस वर्ष बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।
आवारा श्वानों के प्रबंधन के लिए की जा रही कार्यवाही में गति लाएं सभी सीएमओ
कलेक्टर ने आवारा श्वानों के प्रबंधन की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत नगरीय निकायों द्वारा की जा रही कार्यवाही की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि जिन निकायों में आवारा श्वान प्रबंधन हेतु टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, वहां शेल्टर होम में स्टेरलाइजेशन, वैक्सीनेशन सहित सभी निर्धारित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि शेल्टर होम पर तैनात किए जाने वाले चौकीदारों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। साथ ही प्रत्येक निकाय में एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर शेल्टर होम का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी नगरीय निकाय अपने-अपने क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों का चिन्हांकन करें, जहां आवारा श्वानों की समस्या अधिक है, ताकि वहां विशेष ध्यान दिया जा सके। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन निकायों में अभी तक टेंडर प्रक्रिया पूर्ण नहीं हुई है, वे शीघ्रता से इस प्रक्रिया को पूरा करें। संबंधित मुख्य नगरपालिका अधिकारियों (सीएमओ) को निर्देशित किया गया कि वे एक सप्ताह के भीतर शेष सभी निकायों में टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर कार्य में तेजी लाएं।
