यह शख्स कोई आम डबिंग आर्टिस्ट नहीं बल्कि मलयालम सिनेमा के जाने माने निर्देशक जिस जॉय हैं जिस जॉय ने न सिर्फ कैमरे के पीछे शानदार फिल्में बनाई हैं बल्कि अपनी आवाज के जरिए अल्लू अर्जुन के किरदारों में जान डालने का काम भी किया है उनकी डबिंग इतनी सटीक और प्रभावशाली होती है कि दर्शकों को कभी यह एहसास ही नहीं होता कि यह आवाज किसी और की है
इस अनोखी साझेदारी की शुरुआत लगभग 15 साल पहले हुई थी और तब से लेकर आज तक अल्लू अर्जुन की ज्यादातर बड़ी फिल्मों में जिस जॉय ही मलयालम वर्जन के लिए डबिंग करते आ रहे हैं समय के साथ यह तालमेल इतना मजबूत हो गया है कि अब मलयालम दर्शकों के लिए अल्लू अर्जुन की पहचान ही जिस जॉय की आवाज बन चुकी है
दिलचस्प बात यह है कि जब कई दर्शक पहली बार अल्लू अर्जुन की असली आवाज सुनते हैं तो उन्हें थोड़ा अजीब महसूस होता है क्योंकि वे जिस जॉय की आवाज के इतने आदी हो चुके हैं कि वही उन्हें असली लगती है यही वजह है कि केरल में अल्लू अर्जुन को मल्लू अर्जुन के नाम से भी पुकारा जाता है और वहां उनकी लोकप्रियता बेहद खास है
जिस जॉय का निर्देशन करियर भी उतना ही शानदार रहा है उन्होंने संडे हॉलिडे और विजय सुपरम और पौर्नामियुम जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है जो दर्शकों के बीच काफी पसंद की गईं उनकी फिल्मों में कहानी कहने का तरीका और इमोशनल टच खास माना जाता है और यही समझ उन्हें एक बेहतरीन डबिंग आर्टिस्ट भी बनाती है
एक निर्देशक होने के नाते जिस जॉय को यह अच्छी तरह पता होता है कि किसी सीन में किस तरह की भावनाएं चाहिए और डायलॉग को किस अंदाज में पेश करना है यही कारण है कि उनकी डबिंग में वही ताकत और गहराई नजर आती है जो अल्लू अर्जुन की एक्टिंग में दिखती है
यह भी सच है कि जिस जॉय ने कई अन्य कलाकारों के लिए भी डबिंग की है लेकिन अल्लू अर्जुन के साथ उनकी जोड़ी सबसे ज्यादा सफल और चर्चित रही है यह साझेदारी सिर्फ आवाज देने तक सीमित नहीं है बल्कि यह दो कलाकारों के बीच एक गहरे रचनात्मक तालमेल का उदाहरण है जिसने सिनेमा को और भी प्रभावशाली बना दिया है
