दरअसल बीते दिनों सीहोर जिले के किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया था किसानों का कहना था कि उनकी फसल तैयार होने के बावजूद खरीदी में देरी हो रही थी और बाजार में उन्हें गेहूं का सही दाम नहीं मिल पा रहा था मंडियों में गेहूं 2000 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा था जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था वहीं दूसरी ओर कर्ज का दबाव और खराब होती फसल ने उनकी चिंता और बढ़ा दी थी
इस स्थिति को देखते हुए किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से जल्द खरीदी शुरू कराने की मांग की थी किसानों की मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए सरकार ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू कर दी है अब किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल का मूल्य मिलेगा जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद जगी है
खरीदी शुरू होते ही चंदेरी गांव समेत आसपास के राम खेड़ी और अन्य गांवों के किसानों ने एकजुट होकर अपनी खुशी का इजहार किया पारंपरिक डांडिया नृत्य के माध्यम से किसानों ने न केवल जश्न मनाया बल्कि सरकार के प्रति आभार भी जताया यह दृश्य न केवल गांव के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक बन गया जहां मेहनत करने वाले अन्नदाता अपनी जीत का जश्न मना रहे थे
किसानों ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का धन्यवाद किया उनका कहना है कि सरकार के इस कदम से उन्हें बड़ी राहत मिली है और अब वे अपनी मेहनत का सही मूल्य प्राप्त कर सकेंगे
यह पहल केवल आर्थिक राहत ही नहीं बल्कि किसानों के आत्मविश्वास को भी मजबूत करने वाली साबित हो रही है लंबे समय से संघर्ष कर रहे किसानों के लिए यह फैसला उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है गांवों में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल है और किसान भविष्य को लेकर अब पहले से ज्यादा आश्वस्त नजर आ रहे हैं
गेहूं खरीदी की यह शुरुआत प्रदेश के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है जो न केवल उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगी बल्कि कृषि क्षेत्र को भी नई दिशा देगी इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि जब किसानों की आवाज सुनी जाती है तो उसका परिणाम खुशहाली और उत्सव के रूप में सामने आता है
