नितिन नबीन ने सीधे तौर पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा मर्यादा लांघती रही है और जब भी इस तरह के विवादास्पद बयान दिए जाते हैं, जनता भाजपा को मजबूत समर्थन देती है। उन्होंने दावा किया कि पहले ये शब्द सीधे गांधी परिवार से आते थे और अब मल्लिकार्जुन खरगे के माध्यम से जनता तक पहुँच रहे हैं। नबीन ने कहा कि कांग्रेस के इस तरह के बयान इतिहास में हमेशा जनता के दृष्टिकोण को प्रभावित करने में असफल रहे हैं।
भाजपा अध्यक्ष ने पश्चिम बंगाल और केरल की आगामी विधानसभा चुनावों पर भी प्रकाश डाला। बंगाल में भाजपा के वोट शेयर में लगातार वृद्धि हुई है और पार्टी इस बार राज्य में सरकार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। केरल में उन्होंने एलडीएफ और यूडीएफ के बीच ‘मैच फिक्सिंग’ का आरोप लगाया और कहा कि जनता इस फिक्सिंग से तंग आ चुकी है। नबीन ने कहा कि भाजपा का वोट बैंक लगातार बढ़ रहा है और लोग पार्टी को एक सशक्त विकल्प के रूप में देख रहे हैं।
राहुल गांधी द्वारा बीजेपी और एलडीएफ के बीच ‘सेटिंग’ के आरोपों पर नबीन ने पलटवार किया। उन्होंने राहुल गांधी को कमजोर ज्ञान वाला नेता करार देते हुए सवाल उठाया कि अगर सेटिंग होती, तो पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में कांग्रेस और कम्युनिस्ट गठबंधन क्यों हैं। उन्होंने सबरीमाला मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा और पूछा कि क्यों इस संवेदनशील विषय पर राहुल गांधी चुप्पी साध लेते हैं। नबीन ने स्पष्ट किया कि भाजपा का लक्ष्य ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ है और पार्टी देश में कम्युनिस्ट सिस्टम को पूरी तरह उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध है।
असम चुनाव को लेकर भी भाजपा अध्यक्ष ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह निराश और हताश स्थिति में है, जबकि भाजपा पिछले प्रदर्शन से भी बेहतर परिणाम लाने के लिए तैयार है। दक्षिण भारत में सुपरस्टार और टीवीके प्रमुख विजय की राजनीति में एंट्री पर नबीन ने कहा कि राजनीति में पूर्ण समय और समर्पण जरूरी है, पार्ट-टाइम से कोई काम नहीं चलता। उन्होंने तमिलनाडु में भाजपा के AIADMK के साथ गठबंधन का उल्लेख करते हुए पार्टी की रणनीति का स्पष्ट संकेत दिया।
नबीन ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर शब्दों की मर्यादा के साथ कड़ा रुख अपनाना भाजपा का कर्तव्य है और पार्टी जनता के विश्वास और समर्थन को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसकी रणनीतियों और बयानबाजी का लक्ष्य केवल भ्रम और विवाद फैलाना है, जबकि जनता भाजपा को एक सशक्त विकल्प के रूप में देख रही है।
