ड्रिंक्स और मैसेज लाने पर भी लगी रोक
नए नियमों के तहत टीम शीट में शामिल न होने वाले खिलाड़ी अब मैदान पर ड्रिंक्स, बैट, ग्लव्स या कोई भी जरूरी सामान लेकर नहीं जा सकेंगे। इतना ही नहीं, वे खिलाड़ियों तक कोई रणनीतिक मैसेज भी नहीं पहुंचा पाएंगे। बाउंड्री लाइन के पास भी सख्ती बढ़ा दी गई है—यहां केवल 5 खिलाड़ी ही बिब पहनकर रह सकते हैं। बाकी सभी खिलाड़ियों को डगआउट में ही बैठना होगा। इससे पहले कई बार देखा गया था कि ज्यादा खिलाड़ी मैदान के आसपास मौजूद रहते थे, जिससे अव्यवस्था की स्थिति बनती थी।
नियमों का मकसद: खेल की रफ्तार और अनुशासन बनाए रखना
सूत्रों के अनुसार, BCCI का यह कदम मैच के दौरान अनुशासन बनाए रखने और अनावश्यक भीड़ को रोकने के लिए उठाया गया है। साथ ही इससे खेल की गति (game pace) को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। दरअसल, कई मौकों पर सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों की बार-बार आवाजाही से मैच की लय प्रभावित होती थी। इसी को देखते हुए अब इस पर पूरी तरह लगाम लगाने की तैयारी की गई है।
नियमों का आधार: MCC के क्लॉज को सख्ती से लागू करना
बताया जा रहा है कि यह फैसला एमसीसी (MCC) के नियमों—खासकर क्लॉज 11.5.2 और 24.1.4को सख्ती से लागू करने के लिए लिया गया है। इन नियमों के तहत बिना अंपायर की अनुमति के मैदान पर आना, ड्रिंक्स ले जाना या समय बर्बाद करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। अब Indian Premier League में इन प्रावधानों को और कड़ाई से लागू किया जाएगा, ताकि मैच के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था या देरी से बचा जा सके।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, BCCI आने वाले समय में इन नियमों को और सख्त करने पर भी विचार कर रही है। अगर टीमें इन निर्देशों का पालन नहीं करती हैं, तो खिलाड़ियों और टीम मैनेजमेंट पर जुर्माना या अन्य कार्रवाई हो सकती है। इस फैसले से साफ है कि IPL 2026 में अब सिर्फ प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि अनुशासन भी उतना ही जरूरी होगा।
