पटवारी आज छतरपुर जिले के सरानी गांव पहुंचे जहां उन्होंने मृतक सुरेंद्र सिंह के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। परिवार से बातचीत के बाद उन्होंने साफ कहा कि इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच जरूरी है क्योंकि इसमें गंभीर आरोप सामने आए हैं और स्थानीय स्तर पर जांच को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस मामले में सबसे बड़ा आरोप छतरपुर की भाजपा विधायक ललिता यादव के पुत्र मोनू यादव पर लगा है। आरोप है कि मोनू यादव ने सुरेंद्र सिंह के साथ मारपीट की थी जिसके बाद यह पूरा घटनाक्रम सामने आया। इस आरोप ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है क्योंकि इसमें राजनीतिक प्रभाव की आशंका भी जताई जा रही है।
मृतक की पत्नी ने भी इस मामले में गंभीर खुलासा करते हुए बताया कि अस्पताल में भर्ती होने के दौरान सुरेंद्र सिंह ने खुद उसे बताया था कि मोनू यादव ने उसके साथ बुरी तरह मारपीट की थी। इस बयान के बाद परिजनों का आक्रोश और बढ़ गया है और वे लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
जीतू पटवारी ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस मामले में सही तरीके से कार्रवाई नहीं की गई तो वे न्यायालय में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया जाएगा ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
यह मामला अब केवल एक व्यक्ति की मौत तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह कानून व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर रहा है। थाने के भीतर हुई इस घटना ने पुलिस कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार तेज हो रही है।
फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है लेकिन बढ़ते राजनीतिक दबाव और परिजनों के आरोपों के बीच अब यह देखना अहम होगा कि क्या इस केस की जांच सीबीआई को सौंपी जाती है या फिर स्थानीय स्तर पर ही इसका निपटारा किया जाता है।
