कैबिनेट बैठक में सागर जिले की मीडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना से क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और किसानों को कृषि उत्पादन में सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस तरह की परियोजनाओं से कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
इसके साथ ही प्रदेश में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन के लिए 2250 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस योजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा, जिससे उत्पादन क्षमता और दक्षता में वृद्धि हो सके।
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना और महिला हेल्पलाइन 181 के संचालन के लिए 240.42 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत प्रदेश में आठ नए वन स्टॉप सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे महिलाओं को आपातकालीन सहायता और सुरक्षा सेवाएं और अधिक सुलभ हो सकेंगी।
इसके अलावा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1005 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही प्रदेश में नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए 1674 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए 3553.35 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना और विकास कार्यों को गति मिलेगी। वहीं लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10801 करोड़ रुपये की बड़ी राशि को मंजूरी प्रदान की गई है, जिससे सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जाएगा।
कैबिनेट बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को शीघ्र लागू करने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाने के निर्णय का स्वागत किया गया है। राज्य सरकार ने इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया है।
कैबिनेट के इन निर्णयों को प्रदेश के समग्र विकास, महिला सशक्तिकरण, कृषि आधुनिकीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में व्यापक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।
