शुरुआती झटका, फिर तेज रफ्तार पकड़ सकता है बाजार
Axis Direct की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल इस पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में कई खरीदार नई नीति के लागू होने का इंतजार करते हुए अपनी EV खरीद को कुछ समय के लिए टाल सकते हैं। हालांकि, जैसे ही नीति लागू होगी, तब तक जमा हुई मांग (pent-up demand) और स्पष्ट प्रोत्साहनों के कारण बाजार में तेजी से उछाल देखने को मिल सकता है।
कब से क्या बदलेगा? बड़े फैसलों की टाइमलाइन
इस ड्राफ्ट पॉलिसी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सख्त नियम तय किए गए हैं-
जनवरी 2027 से सिर्फ इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों का ही रजिस्ट्रेशन होगा
अप्रैल 2028 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का पंजीकरण किया जाएगा
यह कदम राजधानी को पूरी तरह इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर ले जाने का बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
प्रोत्साहन और स्क्रैपेज से मिलेगा बूस्ट
नीति में शुरुआती वर्षों में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए सब्सिडी और प्रोत्साहन दिए जाएंगे।
पहले साल: ₹10,000 प्रति kWh (अधिकतम ₹30,000)
दूसरे साल: ₹6,600
तीसरे साल: ₹3,300
इसके अलावा, पुराने वाहनों को हटाने (स्क्रैपेज) पर भी लाभ मिलेगा। हालांकि, यात्री वाहनों पर सीधी सब्सिडी खत्म कर दी गई है और कर छूट व अन्य लाभों पर जोर दिया गया है।
कंपनियों के लिए बड़ा मौका
रिपोर्ट के मुताबिक, वे कंपनियां जो पहले से EV सेगमेंट में निवेश कर चुकी हैं और जिनके पास मजबूत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो है, उन्हें इस नीति से सबसे ज्यादा फायदा होगा।
दोपहिया और तिपहिया सेगमेंट में पहले से मजबूत पकड़ रखने वाली कंपनियां अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकती हैं, जबकि नई कंपनियां भी इस बाजार में तेजी से निवेश बढ़ा रही हैं।
हाइब्रिड वाहनों को भी मिला सहारा
नीति में हाइब्रिड वाहनों को भी नजरअंदाज नहीं किया गया है। 30 लाख रुपए से कम कीमत वाले मजबूत हाइब्रिड वाहनों पर 50% तक रोड टैक्स छूट दी जाएगी, जिससे ट्रांजिशन को आसान बनाया जा सके।
प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम
दिल्ली लंबे समय से प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है। ऐसे में यह EV पॉलिसी न सिर्फ परिवहन को स्वच्छ बनाएगी, बल्कि आने वाले वर्षों में शहर के पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर डालेगी।
कुल मिलाकर क्या होगा असर?
यह नीति लागू होने के बाद
EV की मांग में तेज उछाल आएगा
बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी
ग्राहकों को बेहतर विकल्प मिलेंगे
प्रदूषण में कमी आएगी
