रक्षा मंत्रालय के सहयोग से शुरू हुआ संचालन
इस योजना के तहत सैनिक स्कूल का संचालन रक्षा मंत्रालय और टीएसएस स्कूल प्रबंधन मिलकर करेंगे। 2026 सत्र से इसकी औपचारिक शुरुआत की जा रही है। रक्षा मंत्रालय की टीम पहले ही स्कूल परिसर में पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर चुकी है।
80 सीटों पर प्रवेश, सभी सीटें भरी
स्कूल प्रबंधन के अनुसार इस सत्र में 80 सीटें निर्धारित की गई हैं, जिन पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। देशभर से छात्र इस स्कूल में दाखिला लेने के लिए पहुंचे हैं। स्कूल परिसर में नई बिल्डिंग और हॉस्टल की व्यवस्था भी पूरी कर ली गई है।
सैन्य अनुशासन के साथ चलेगा स्कूल
सैनिक स्कूल का संचालन पूरी तरह सैन्य अनुशासन और प्रशिक्षण आधारित होगा। केंद्र से आई टीम ने स्कूल का कार्यभार संभाल लिया है। नायक अकबर खान को इस सैनिक स्कूल का इंचार्ज नियुक्त किया गया है। उनके अनुसार जरूरत के अनुसार शिक्षकों और प्रशिक्षण स्टाफ की तैनाती की जाएगी।
चयन और प्रवेश प्रक्रिया
स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, छात्रों का चयन पहले ही कर लिया गया है और ऑनलाइन परिणाम के आधार पर विद्यार्थियों ने अपनी पसंद से इस स्कूल को चुना है।
क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि
इस सैनिक स्कूल की शुरुआत को मुरैना और आसपास के क्षेत्रों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे अब स्थानीय छात्रों को रक्षा सेवाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे।
