देवास। जिले में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के बीच शंकरगढ़ पहाड़ी स्थित गोशाला में गोवंश को राहत देने के लिए सराहनीय पहल की गई है। संस्था अभिरंग ने गर्मी से बेहाल गायों के लिए गोशाला में दो बड़े कूलर लगाए हैं, जिससे वातावरण को ठंडा रखने में मदद मिल रही है।
43 डिग्री तक पहुंचा तापमान, गोवंश पर बढ़ा असर
जानकारी के अनुसार, देवास जिले में इन दिनों तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ है, जबकि शंकरगढ़ पहाड़ी क्षेत्र में यह सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक रहता है। इस कारण गोशाला में गोवंश को अत्यधिक गर्मी और असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।
जानकारी के अनुसार, देवास जिले में इन दिनों तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ है, जबकि शंकरगढ़ पहाड़ी क्षेत्र में यह सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक रहता है। इस कारण गोशाला में गोवंश को अत्यधिक गर्मी और असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।
संस्था अभिरंग की पहल से मिली राहत
भीषण गर्मी को देखते हुए संस्था अभिरंग के सदस्यों ने आपसी सहयोग से गोशाला में कूलर लगाने की व्यवस्था की। मंगलवार को दो बड़े कूलर लगाए गए, जिनसे गोशाला के अंदर ठंडी हवा पहुंच रही है और गोवंश को राहत मिल रही है।
भीषण गर्मी को देखते हुए संस्था अभिरंग के सदस्यों ने आपसी सहयोग से गोशाला में कूलर लगाने की व्यवस्था की। मंगलवार को दो बड़े कूलर लगाए गए, जिनसे गोशाला के अंदर ठंडी हवा पहुंच रही है और गोवंश को राहत मिल रही है।
गोशाला में बदला माहौल, पशुओं को मिली राहत
कूलर लगने के बाद गोशाला के वातावरण में काफी सुधार देखा गया है। पहले जहां गर्मी के कारण गायें बेचैन रहती थीं, वहीं अब उन्हें अपेक्षाकृत ठंडा वातावरण मिल रहा है, जिससे उनकी स्थिति में सुधार हुआ है।
कूलर लगने के बाद गोशाला के वातावरण में काफी सुधार देखा गया है। पहले जहां गर्मी के कारण गायें बेचैन रहती थीं, वहीं अब उन्हें अपेक्षाकृत ठंडा वातावरण मिल रहा है, जिससे उनकी स्थिति में सुधार हुआ है।
संस्था अध्यक्ष ने बताया उद्देश्य
संस्था अभिरंग के अध्यक्ष बसंत वर्मा ने बताया कि वर्तमान में तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिसका सीधा असर गोवंश पर पड़ रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके और उनकी देखभाल बेहतर तरीके से हो सके।
संस्था अभिरंग के अध्यक्ष बसंत वर्मा ने बताया कि वर्तमान में तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिसका सीधा असर गोवंश पर पड़ रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके और उनकी देखभाल बेहतर तरीके से हो सके।
पशुसेवा की मिसाल बनी पहल
स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भीषण गर्मी में गोवंश की देखभाल के लिए किया गया यह प्रयास एक प्रेरणादायक कदम है, जो पशुसेवा और संवेदनशीलता का उदाहरण पेश करता है।
स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भीषण गर्मी में गोवंश की देखभाल के लिए किया गया यह प्रयास एक प्रेरणादायक कदम है, जो पशुसेवा और संवेदनशीलता का उदाहरण पेश करता है।
